Toy Bank: जयपुर. सरकारी विद्यालयों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों के लिए सीखना एक मजेदार अनुभव बनने जा रहा है। छोटे-छोटे हाथ अब रंगीन खिलौनों, पज़ल, ब्लॉक्स, शैक्षिक खेलों और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए खेल-खेल में नई बातें सीखेंगे। शिक्षा विभाग ने अंत्योदय फाउंडेशन के सहयोग से स्कूलों में ‘खिलौना बैंक’ खोलने की तैयारी पूरी कर ली है।
इस अनोखी पहल का उद्देश्य बच्चों में जिज्ञासा, कल्पनाशक्ति और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब बच्चे खेलते हुए सीखते हैं, तो वे चीजों को जल्दी समझते हैं और लंबे समय तक याद भी रखते हैं। खिलौना बैंक में ऐसे शैक्षिक खिलौने रखे जाएंगे, जो गणित, भाषा, विज्ञान और सामान्य ज्ञान को आसान बनाएंगे।
ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब महंगे खिलौनों से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। वे समूह में खेलकर टीमवर्क, आत्मविश्वास और सामाजिक व्यवहार भी सीखेंगे। इस पहल से स्कूलों का माहौल खुशियों से भर जाएगा और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान के साथ सीखने की नई शुरुआत होगी।