ज्ञान, कौशल और चरित्र ही राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ

संगम विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह

उच्च शिक्षा के केंद्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्रों में उत्कृष्टता के मानक स्थापित करने होंगे। वर्तमान समय में बौद्धिक क्षमता और गुणवत्तायुक्त शिक्षा की अहम भूमिका है, जो मानवीय आचरण और व्यवहार को बेहतर बनाने में अमूल्य साबित होगी। यह उद्गार राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने शुक्रवार को संगम विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। बागड़े ने कहा कि ज्ञान, कौशल और चरित्र ये तीनों तत्व किसी भी राष्ट्र की प्रगति के आधार स्तंभ होते हैं। युवा शक्ति को इन जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। युवाओं व विद्यार्थियों को छत्रपति शिवाजी राव के जीवन मूल्यों का अनुसरण करने का संदेश दिया।

61 मेधावियों का सम्मान: 30 को स्वर्ण पदक, 31 को पीएचडी की उपाधि

बागड़े ने शैक्षणिक सत्र 2024-25 के 30 स्नातक, स्नातकोत्तर व डिप्लोमा विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ 31 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधियां प्रदान की। इस अवसर पर सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में युवाओं के लिए स्वयं की जड़ों को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। शिक्षा के साथ अपने जीवन मूल्यों और परंपराओं को साथ लेकर चलें। आईआईएम इंदौर के प्रोफेसर पीके सिंह ने कहा कि आज तकनीक बहुत तीव्र गति से बदल रही है, ऐसे में तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ भाषाई दक्षता को मजबूत करना भी समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इससे पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली। एनसीसी कैडेट्स ने बागड़े को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया। करुणेश सक्सेना ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलसचिव आलोक कुमार ने आभार जताया। इस अवसर पर पूर्व सांसद सुभाष बहेड़िया, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा मौजूद रहे।

कौशल आधारित शिक्षा पर जोर

संगम ग्रुप के चेयरमैन रामपाल सोनी ने विश्वविद्यालय की दूरगामी सोच पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हमारा ध्येय हर विद्यार्थी को व्यवहारिक ज्ञान और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे पूर्व भीलवाड़ा पहुंचने पर पुलिस लाइन हेलीपैड पर कलक्टर जसमीत सिंह संधू, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव व जनप्रतिनिधियों ने राज्यपाल का स्वागत किया। विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक शोभायात्रा निकाली।