Rajasthan e-governance: जयपुर. राजस्थान में अब सरकारी सेवाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत जल्द ही खत्म हो सकती है। राज्य सरकार ने वर्ष 2027 तक प्रदेश की सभी सरकारी सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। इससे नागरिकों को घर बैठे ही प्रमाण पत्र, अनुमतियां और अन्य सुविधाएं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होंगी।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शासन सचिवालय में आयोजित ‘विकसित राजस्थान@2047’ विज़न बैठक में कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासनिक मॉडल की तर्ज पर जन-केंद्रित, पारदर्शी और जवाबदेह शासन प्रणाली विकसित करने की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ई-गवर्नेंस के जरिए भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, फाइलों की देरी कम होगी और सेवा वितरण तेज व सरल बनेगा।
बैठक में प्रशासनिक सुधारों के तहत कार्यालय प्रक्रिया नियमावली की समीक्षा, फाइल मूवमेंट में अनावश्यक देरी रोकने, चरणों को कम करने और न्यायालयीन प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर भी जोर दिया गया। नेक्स्ट जनरेशन एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के तहत चिंतन शिविर आयोजित कर विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
राज्य सरकार ने सेक्टोरल ग्रुप ऑफ सेक्रेटरीज (SGoS) की व्यवस्था लागू की है, जिससे विभिन्न विभागों में तकनीक आधारित समन्वित और परिणामोन्मुख कार्यप्रणाली विकसित की जा सके। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल आमजन को तेज, पारदर्शी और सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगी।