Bharatpur : भरतपुर के पूर्व राजघराने से सुखद खबर, आखिरकार पिता-पुत्र में हो गई सुलह!

Bharatpur : भरतपुर के पूर्व राजघराने से सुखद खबर आई है। आखिर पिता-पुत्र में सुलहनामा हो गया है। भरतपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह व उनके पुत्र अनिरूद्ध सिंह के बीच सुलह हो गई है। विश्वेंद्र सिंह व पुत्र अनिरूद्ध सिंह की मंगलवार को जवाहर रिसोर्ट में मुलाकात हुई। खुद विश्वेंद्र सिंह ने बेटे के साथ एक फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वेंद्र सिंह ने लिखा है कि आज जवाहर रिजॉर्ट में बहुत दिनों बाद मेरे बेटे युवराज अनिरूद्ध सिंह से सुखद मुलाकात हुई।

यह भी सामने आया है कि हमेशा कुछ ना कुछ पोस्ट कर सुर्खियों में रहने वाले अनिरूद्ध भरतपुर अब शांत नजर आ रहे थे। साथ ही विश्वेंद्र सिंह हाल में ही मोती महल में स्थापित एक तोप के साथ फोटो भी पोस्ट कर चुके थे। ऐसे में माना जा रहा था कि कहीं ना कहीं पूर्व राजपरिवार में पति-पत्नी व पुत्र के बीच पिछले पांच साल से चला आ रहा विवाद अब खत्म हो गया है।

कुछ दिन पहले से ही पूर्व राजपरिवार भरतपुर में सुलह के आसार बनते नजर आ रहे थे। पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह, पत्नी पूर्व सांसद दिव्या सिंह व बेटे अनिरूद्ध के बीच पिछले काफी समय से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा है। विवाद के बीच पूर्व राजपरिवार के मोती महल से रियासत का झंडा हटाने को लेकर अगस्त 2025 में विवाद हो गया था। उस समय विश्वेंद्र सिंह ने मोती महल पर राष्ट्रीय ध्वज लगने के बाद 21 सितंबर 2025 को प्रस्तावित महापंचायत को स्थगित कर दिया था।

किसी में हिम्मत है तो रोक के दिखा देना मुझे

हाल में ही पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने 29 जनवरी को पोस्ट किया था कि भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में पिछले पांच साल से चला आ रहा पारिवारिक विवाद सुलझने के कगार पर था कि मेरी पत्नी व बेटे ने भरतपुर का रियासतकालीन झंडा अभी तक नहीं लगाने के कारण ये विवाद फिर से उलझ गया है। या तो मेरी पत्नी व बेटा भरतपुर रियासत के झंडे को फिर से लगा दें नहीं तो मैं स्वयं 13 फरवरी को महाराजा सूरजमलजी के जन्मदिवस के अवसर पर खुद मोती महल जाके रियासतकालीन झंडा लगाऊंगा। हालांकि रियासतकालीन झंडे की रस्सी व तार काट दिया गया है, मैं तब भी झंडे को फहरा के आऊंगा। किसी में हिम्मत है तो रोक के दिखा देना मुझे।

यह था पूरा प्रकरण

अगस्त 2025 में पूर्व विश्वेंद्र सिंह ने रियासत का झंडा मोती महल से हटाने का विरोध करते हुए आमजन को जानकारी दी। 21 सितंबर 2025 को मोती महल आने का निमंत्रण जाट सरदारी ने दिया। इसमें झंडा लगाना तय किया गया था।

बेटे अनिरूद्ध सिंह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया

इसी बीच अनिरूद्ध सिंह ने वहां उस स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया। ऐसे में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने महापंचायत स्थगित कर दी। उसी दिन रात को जाट नेता मनुदेव सिनसिनी ने गाड़ी से महल का गेट तोड़कर अंदर घुसकर रियासतकालीन झंडा लगाया। मोती महल के गेट को तोड़कर अंदर प्रवेश करने के मामले को लेकर अनिरुद्ध सिंह ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अभी मथुरा गेट थाना पुलिस मनुदेव सिनसिनी, संतोष फौजदार, दिनेश सिनसिनी, भगत सिंह और दौलत के खिलाफ धारा 458 के तहत दर्ज केस की जांच कर रही है।

जाट सरदारी की पंचायत गांव सिनसिनी में हुई थी

इसको लेकर जाट सरदारी की पंचायत गांव सिनसिनी में हुई थी। जहां फोन पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने जनता से बात की। उन्होंने कहा था कि वह जनता के साथ हैं और बसंत पंचमी को महल में जाएंगे।

पत्नी व बेटे पर न्यायालय में वाद

पूर्व में विश्वेंद्र सिंह ने भरण पोषण अधिनियम के तहत न्यायालय में वाद दायर किया था। इसके बाद पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने 7 जून 2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें लॉकर से बिना उनकी स्वीकृति पत्नी व बेटे पर करोड़ों रुपए के आभूषण निकाल लेने का आरोप लगाया था। साथ ही पत्नी व बेटे भी प्रॉपर्टी को लेकर आरोप लगा चुके हैं।