Jaipur: चाकसू में 460 हरे पेड़ों पर चली आरी, पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश, अधिकारी बोले- ‘विकास हो रहा’

जयपुर। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से चाकसू से गुजर रहे पुराने नेशनल हाईवे पर सड़क चौड़ीकरण व निर्माण कार्य के चलते करीब 460 हरे-भरे और सघन पेड़ों को हटाया जा रहा है। इस फैसले से क्षेत्र के पर्यावरण प्रेमियों में गहरी निराशा और आक्रोश देखने को मिल रहा है। चाकसू बायपास से लेकर कस्बे तक लगभग आठ किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर दोनों ओर वर्षों पुराने पेड़ लगे हुए थे, जो इस सड़क की पहचान माने जाते थे।

छांव और हरियाली का सहारा थे पेड़

स्थानीय लोगों का कहना है कि ये पेड़ न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखते थे, बल्कि गर्मी और बरसात में वाहन चालकों व राहगीरों को छांव भी प्रदान करते थे। अब जब इन्हें काटा जा रहा है, तो सड़क के कई हिस्से उजाड़ और वीरान नजर आने लगे हैं। जिन स्थानों पर पेड़ हट चुके हैं, वहां का नजारा पूरी तरह बदल गया है। पेड़ों की कटाई को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ी हुई है। एक पक्ष इसे विकास के नाम पर पर्यावरण की बलि बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष सड़क सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए इसे जरूरी कदम मान रहा है।

पेड़ काटकर ट्रकों पर लादे जा रहे (फोटो-पत्रिका)

विभाग का पक्ष: नियमों के तहत कटाई

विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पेड़ों की कटाई जिला कलक्टर के निर्देश पर गठित समिति द्वारा की गई नीलामी प्रक्रिया और तय शर्तों के अनुसार ही की जा रही है। यह कार्य पूरी तरह नियमानुसार है।

बजट घोषणा के तहत हो रहा निर्माण

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री बजट वर्ष 2024-25 में चाकसू पुराने नेशनल हाईवे के मय डिवाइडर सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण की घोषणा की गई थी। उसी के तहत वर्तमान में यह निर्माण कार्य चल रहा है।

इनका कहना है-

सड़क की चौड़ाई बढ़ाने में पेड़ अवरोधक बन रहे थे, जिससे कार्य रुका हुआ था। जिला कलक्टर की स्वीकृति के बाद ही पेड़ काटे जा रहे हैं। इसके बदले सड़क निर्माण के बाद विभाग दस गुना नए पेड़ लगाएगा। -राजीव जैन, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, चाकसू