Amit Shah Jaipur Visit : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज 10 जनवरी को राजस्थान पुलिस अकादमी में नव चयनित पुलिस कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने अमित शाह का स्वागत करते हुए उदयपुर के दर्जी कन्हैयालाल हत्याकांड पर जवाब मांगा।
कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राजस्थान पधार रहे हैं। आपका यहां स्वागत है। आपसे अपेक्षा है कि वे आज अपनी ‘राजनीतिक चुप्पी’ तोड़ेंगे और बताएंगे कि स्व. कन्हैयालाल के परिवार को न्याय कब मिलेगा?
परिवार अभी तक न्याय के लिए क्यों भटक रहा है?
अशोक गहलोत ने लिखा कि आपके गृह मंत्रालय के अधीन नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने घटना की रात ही यह केस राजस्थान पुलिस से ले लिया था पर NIA के पास ये केस होने के बावजूद अभी तक न्याय क्यों नहीं मिला है? उनका परिवार अभी तक न्याय के लिए क्यों भटक रहा है।
क्या आप राजस्थान की जनता से असत्य बोलने के लिए माफी मांगेंगे?
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि आप तो चुनाव में 5 लाख बनाम 50 लाख का असत्य बोलकर भ्रम फैलाने के चैंपियन थे। स्व. कन्हैयालाल के परिवार ने आपके झूठ को एक्सपोज कर बता दिया है कि उनके परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा एवं दोनों पुत्रों को सरकारी नौकरी मिली थी। क्या आप राजस्थान की जनता से असत्य बोलने के लिए माफी मांगेंगे? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस मुद्दे पर आपने चुनाव लड़ा, उसे अब भुला दिया गया है।
राजस्थान में कानून का इकबाल खत्म
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि आज राजस्थान में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है। रंगदारी, दुष्कर्म और माफियाराज से जनता त्रस्त है। बजरी माफिया रोज हत्याएं कर रहा है।
हद तो तब हो गई जब दूसरे राज्यों की पुलिस यहां आकर एक्शन करती है और मुख्यमंत्री जी कहते हैं राजस्थान पुलिस को जानकारी ही नहीं है। गृह मंत्री जी, भाषणों से परे हटकर राजस्थान की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर जवाब दीजिए।
क्या है कन्हैया लाल हत्याकांड?
उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल की जून 2022 में कथिततौर पर इस्लाम विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट का समर्थन करने के आरोप में बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 9 आरोपियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी कानून यूएपीए सहित कई आरोप तय किए गए हैं। आरोपी मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौसे ने इस घटना का वीडियो बनाकर ऑनलाइन पोस्ट किया था। उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए हैं।