डूंगरपुर जिले में एस्कोर्ट सर्विस के नाम हो रही ठगी के मामले में पुलिस की साइबर थाने व साइबर सेल को बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने शुक्रवार को एस्कोर्ट सर्विस के नाम ठगी करने के मामले में एक गैंग का खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। साथ ही दो बाल अपचारियों को डिटेन किया। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल व कार सहित अन्य सामग्री जब्त की है।
पुलिस उपाधीक्षक तपेंद्र मीणा ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन की ओर से जिले में ऑपरेशन एंटीवायरस अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को सूचना मिली की कोतवाली थाना क्षेत्र के भण्ड़ारिया घाटा गोशाला के पास कुछ लोग मोबाइल से चेट कर ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे है। इस पर साइबर थाने की पुलिस व साइबर टीम मौके पर पहुंची । यहां पर कुछ लोग मोबाइल से चेट कर रहे थे। वे पुलिस को देखकर मौके से भागने लगे। पुलिस ने उनका पीछा कर दस जनों को डिटेन किया । उनके मोबाइलों की जांच की गई तो वह ऑनलाइन एस्कोर्ट सर्विस के नाम पर ठगी करते पाए गए।
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18 मोबाइल , एक कार सहित अन्य सामग्री जब्त
इस पर पुलिस ने बड़ौदा आसपुर निवासी पकंज पुत्र डूंगर पाटीदार, जसपुर बडौदा निवासी दर्शीलपुरी पुत्र शंभुपुरी गोस्वामी, दिलीप पुत्र प्रेमजी पाटीदार, रायणा निवासी मनीष पुत्र धुलजी पाटीदार, जसपुर भोटा निवासी रोहित पुत्र अमर पाटीदार, रमेश पुत्र डायालाल पाटीदार, रायणा निवासी नरेश पुत्र दलजी पाटीदार, भरत पुत्र गौतम पाटीदार को गिरफ्तार किया। वहीं दो बाल अपचारियों को डिटेन कर लिया। पुलिस ने आरेापियों से 18 मोबाइल, एक कार, फर्जी सिम कार्ड, एटीएम कार्ड जब्त किया है।
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इस तरह करते थे ठगी
थानाधिकारी गिरधारी सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे फर्जी तरीके से ऑनलाइन सिम कार्ड खरीदते है और उसी सिम से फर्जी व्हाट्सएप्प ग्रुप तैयार करते है। लोगों को लड़कियों के फोटो वायरल कर उनसे एस्कोर्ट सर्विस के नाम ठगी करते है। फर्जी तरीके से बैंक में एकाउंट भी खुलवाते है और एटीएम कार्ड जारी करवाते थे। कार्रवाई में पुलिस टीम के एएसआई हरिसिंह, हैडकांस्टेबल मदनलाल, महावीर, कांस्टेबल अभिषेक, मंगन, हिमांशु, राहुल, भव्यराज सिंह, आदित्य व हेमेंद्र सिंह शामिल थे।