Rajasthan Government Scheme : सवाई-माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र में आवारा पशुओं और नीलगायों से फसलों को होने वाले नुकसान से परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार की तारबंदी योजना राहत का साधन बन रही है। इस योजना के तहत खेतों की तारबंदी करवाने पर किसानों को सरकार की ओर से अधिकतम 56 हजार रुपए तक का अनुदान दिया जा रहा है। इससे किसान अपनी मेहनत की फसल को सुरक्षित रखने के साथ आर्थिक सहायता का लाभ भी उठा सकेंगे।
वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक लोकेश कुमार मीणा ने बताया कि योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत और समूह दोनों स्तर पर आवेदन किए जा सकते हैं। लघु एवं सीमांत किसानों को तारबंदी लागत का 60 प्रतिशत अथवा अधिकतम 48 हजार रुपए तक अनुदान मिलेगा, जबकि अन्य किसानों को लागत का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 40 हजार रुपए तक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। व्यक्तिगत आवेदन के लिए किसान के पास न्यूनतम 0.50 हेक्टेयर कृषि भूमि एक स्थान पर होना आवश्यक है। वहीं समूह आवेदन में कम से कम दो किसानों के पास संयुक्त रूप से 0.50 हेक्टेयर भूमि होना जरूरी है।
सामुदायिक तारबंदी योजना विशेष रूप से लाभकारी
कृषि विभाग के अनुसार सामुदायिक तारबंदी योजना विशेष रूप से लाभकारी साबित हो रही है। इसमें सात या उससे अधिक किसानों के समूह को न्यूनतम पांच हेक्टेयर भूमि पर तारबंदी के लिए लागत का 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम 56 हजार रुपए तक अनुदान दिया जाता है।
अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी पर अनुदान स्वीकृत
योजना में अधिकतम 400 रनिंग मीटर तक तारबंदी पर अनुदान स्वीकृत है। विभाग ने तारबंदी को मजबूत बनाने के लिए खंभे से खंभे की दूरी अधिकतम 15 फीट निर्धारित की है। वर्ष 2025 में ब्लॉक में किसानों द्वारा कुल 32 हजार 23 मीटर तारबंदी करवाई गई, जिससे बड़ी संख्या में फसलें आवारा पशुओं से सुरक्षित हो सकीं।
फसलें सुरक्षित रहेंगी, आय में वृद्धि होगी
सहायक कृषि अधिकारी ने किसानों से योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल फसलें सुरक्षित रहेंगी बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। किसान नजदीकी ई-मित्र केंद्र अथवा राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विजय जैन, सहायक कृषि अधिकारी
आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में जन आधार कार्ड, जमाबंदी की नवीन प्रति, भूमि का नक्शा, लघु एवं सीमांत किसान प्रमाण पत्र तथा बैंक खाते की जानकारी शामिल है। कृषि विभाग ने किसानों से समय पर आवेदन कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।