Patrika Podcast : विवाह की गांठ : मुक्ति के लिए

Gulab Kothari Article : पति का घर ही पत्नी का भी घर होता है। स्वामी पति और पत्नी स्वामिनी। आज वही घर एक स्थूल इकाई और पराया घर कहलाने लग गया। जैसे कम्पनी खोटे माल को वापिस मंगा लेती है। विवाह में मंत्रों से क्या आदान-प्रदान होता है—कोई नहीं जानता। स्त्री सम्बन्धी सारे कानून, सारे अभियान उसे शरीर से ज्यादा कुछ नहीं मानते। एक के साथ पटरी नहीं बैठी, दूसरे-तीसरे के साथ बैठ जाएगी।