बीकानेर। रियासत काल से कोटगेट और सांखला रेल फाटक की समस्या बनी हुई है। कभी ऐलिवेटेड तो कभी बाइपास और अब अंडरपास निर्माण की कवायद में समस्या उलझी हुई है। शहरवासी रोज इन रेल फाटकों की समस्याएं से जूझ रहे हैं। इन रेल फाटकों की समस्या का स्थायी समाधान धरातल पर नहीं उतर पा रहा है। शासन प्रशासन के प्रयासों से न व्यापारी संतुष्ट नजर आ रहे हैं और ना ही इस समस्या के समाधान के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे लोग।
राज्य सरकार की ओर से इन फाटकों की समस्या के समाधान को लेकर बजट का प्रावधान किया जा चुका है। निर्माण कार्य से पहले की प्रक्रियाएं शुरू हो चुकी है। मामला न्यायालय तक भी पहुंचा हुआ है। इसी बीच कोटगेट और सांखला फाटक आरयूबी निर्माण परियोजना को लेकर बीकानेर संभागीय आयुक्त कार्यालय में बैठक आयोजित हुई। संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में आरयूबी निर्माण को लेकर जहां अनेक आपत्तियां, होने वाली समस्याएं सामने आई।
व्यापारियों, दुकानदारों व वर्षों से संघर्ष कर रहे लोगों ने रेल फाटकों की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर आरयूबी को पूर्ण रूप से उचित नहीं माना। वहीं प्रशासन ने भी अपना पक्ष रखा। बैठक में अतिरिक्त संभागीय आयुक्त यशपाल आहूजा, पीडब्ल्यूडी एसई डॉ. वी.के. गहलोत, ट्रैफिक डीएसपी किशन सिंह, बीडीए इंजीनियर वंदना शर्मा, बीकानेर व्यापार एसोसिएशन अध्यक्ष नरपत सेठिया सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जुलाई से काम शुरू, दिसंबर तक लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार आरयूबी निर्माण कार्य जुलाई में स्लैब डालने से शुरू होगा और दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी शामिल किया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. दास गुप्ता सहित व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने पिछले 35 वर्षों के संघर्ष का भी जिक्र किया।
बैठक में उठीं ये बड़ी आपत्तियां
-चौड़ाई कम होने से बढ़ेगा जाम
-एंबुलेंस फायर ब्रिगेड की चिंता
-बारिश में जलभराव का खतरा
-पैदल यात्रियों के लिए रास्ता नहीं
-सांखला फाटक पर दीवार से परेशानी
-समस्या कम नहीं, बढ़ेगी
चार जगह डिस्प्ले होगा पूरा प्लान
संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा ने बीडीए और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोटगेट और सांखला फाटक सहित शहर के चार प्रमुख स्थानों पर आरयूबी का पूरा प्लान सार्वजनिक रूप से डिस्प्ले किया जाए। इससे आमजन और व्यापारी सुझाव और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।