पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद राजस्थान में गाइडलाइन पर नहीं हो पाया निर्णय, जानिए कौन-कौनसे राज्य निकले आगे

PM Modi Fuel Saving Appeal : गुजरात-त्रिपुरा सहित कई राज्यों ने मितव्ययिता के लिए खर्च में कमी लाने व राजस्व बढ़ाने की ओर कदम बढ़ा दिए गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बावजूद राजस्थान में गाइडलाइन पर निर्णय ही नहीं हो पाया है। हालांकि कहा जा रहा है कि आज कैबिनेट की बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा इस पर कुछ फैसला ले सकते है। उधर, ग्रीष्मकालीन अवकाश में परिवार सहित सरकारी खर्च (एलटीसी) पर जाने वाले न्यायपालिका व अखिल भारतीय सेवा के प्रतिनिधियों पर सबकी नजर है।

सूत्रों के अनुसार अशोक गहलोत सरकार के समय प्रदेश को आर्थिक संकट से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन इस बार पीएम की अपील के बावजूद राज्य के वित्त विभाग ने मितव्ययिता के लिए कोई पहल नहीं की है। हालांकि प्रदेश में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के अपने वाहनों के काफिले में कमी की, मुख्यमंत्री पिछले दिनों मंत्रियों-अधिकारियों से मितव्ययिता की अपील भी कर चुके। इसके बाद मितव्ययिता दिखाने वाले कुछ फोटो भी मीड़िया भी आए।

इन राज्यों ने बढ़ाए मितव्ययिता के कदम

गुजरात- आने-जाने पर खर्च घटाने के लिए अधिकारियों की अधिक से अधिक बैठकें वर्चुअल होनी चाहिए। राज्य सूचना आयोग ने आवाजाही के लिए कार पूलिंग का निर्णय किया ।

त्रिपुरा- सभी विभाग अपने खर्चों में कम से कम 15 प्रतिशत की कमी लाएं, गैर कर राजस्व को बढाएं। अधिकारी पत्राचार के बजाय ई-मेल के जरिए संपर्क व मॉनिटरिंग बढ़ाएं । नए वाहन नहीं खरीदे जाएं, बिजली खर्च में 10 प्रतिशत तक कमी लाई जाए। मुख्य सचिव को छोड़कर अन्य सभी अधिकारियों के घर व ऑफिस के टेलीफोन बिलों की सीमा तय ।

सिक्किम- सरकारी व निजी वाहनों पर ऑड-ईवन व्यवस्था, सीएम के काफिले के वाहनों में 50 प्रतिशत की कमी। आमजन भी निजी के बजाय सार्वजनिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं ।

यहां-यहां सीएम ने जारी की अपील

यूपी– वर्क फ्रॉम होम कल्चर को बढ़ावा दें, वर्चुअल बैठक, कार पूलिंग व इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़़ावा दें। लोग पीएम सूर्यघर योजना को अपनाएं ।

दिल्ली– नेता-मंत्री वाहनों का उपयोग घटाएं, कार पूलिंग व सार्वजनिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दें ।

एमपी- मंत्री वाहनों का उपयोग कम करें, आमजन निजी के बजाय सार्वजनिक वाहनों का उपयोग अधिक करे ।

राजस्थान– दौरे के समय गाड़ियों का काफिला कम हो, सीएम ने स्वयं अपना काफिला 5 वाहन तक सीमित किया ।

महाराष्ट्र-मंत्री सीएम की मंजूरी के बाद ही हवाई यात्रा करें ।