बाड़मेर. जिला अस्पताल में करीब दो साल से बंद पड़ी सीटी स्कैन सुविधा आखिरकार गुरुवार को फिर शुरू हो गई। अब मरीजों को जांच के लिए निजी सेंटरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और हजारों रुपए खर्च करने से भी राहत मिलेगी। पहले ही दिन 10 मरीजों की सीटी स्कैन जांच की गई।
सीटी स्कैन मशीन का शुभारंभ बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने रिबन काटकर किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा दिलीप पालीवाल, नगर परिषद के पूर्व सभापति दीपक माली, मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. अनूपसिंह गुर्जर, पीएमओ डॉ. हनुमानराम चौधरी सहित भाजपा पदाधिकारी और मेडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में नई सीटी स्कैन मशीन का इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद बुधवार शाम परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद (एईआरबी) की ओर से मशीन संचालन का लाइसेंस जारी किया गया। इसके बाद अस्पताल की उपापन समिति ने मशीन शुरू करने के आदेश जारी किए।
मरीजों को अब मिलेगी मुफ्त जांच सुविधा
विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने कहा कि लंबे समय से सीटी स्कैन सुविधा शुरू करने की मांग की जा रही थी और अब यह सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आधुनिक जांच सुविधा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग का आभार जताते हुए कहा कि बाड़मेर मेडिकल कॉलेज प्रदेश के बेहतर मेडिकल कॉलेजों में शामिल हो रहा है और जल्द ही नए अस्पताल की भी शुरुआत होगी।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित नए अस्पताल के लिए एक और सीटी स्कैन तथा एमआरआइ मशीन की स्वीकृति भी मिल चुकी है, जिससे आने वाले समय में जिले में चिकित्सा सुविधाओं का बड़ा विस्तार होगा।
टेंडर प्रक्रिया के बाद मिली मशीन
पीएमओ डॉ. हनुमानराम चौधरी ने बताया कि स्थायी व्यवस्था होने तक आउटसोर्स आधार पर सीटी स्कैन सुविधा शुरू करने की अनुमति मिली थी। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी कर मशीन अस्पताल में स्थापित की गई। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में 16 स्लाइस की आधुनिक सीटी स्कैन मशीन शुरू की गई है, जिसे आगे 96 स्लाइस तक अपग्रेड किया जा सकता है। फिलहाल छह माह की अनुमति दी गई है। यदि स्थायी सीटी स्कैन सुविधा उपलब्ध नहीं होती है तो अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
प्रथम दिन दस की जांच की, परेशानियों से मिली निजात- सेवा शुरू होने के पहले दिन गूंगा निवासी नौ वर्षीय बालक मोतीलाल पुत्र स्वरुपाराम की पहली जांच की गई। उसके सिर में चोट लगने के कारण सुनने में परेशानी थी। शाम तक कुल दस मरीजों के सीटी स्कैन किए गए। चिकित्सालय परिसर में ही नि:शुल्क जांच सुविधा मिलने पर मरीजों , परिजनों ने खुशी जताते हुए इसे बड़ी राहत बताया। ज्ञात रहे कि पूर्व में चिकित्सालय के बाहर एक निजी केन्द्र पर अनुबंध पर जांच सुविधा उपलब्ध करवाई जाती थी, इससे यहां तक आने-जाने में मरीजों, परिजनों को बड़ी परेशानी होती। गौरतलब है कि 21 अगस्त 2025 को अनुबंध समाप्त होने के बाद यह सेवा बंद है।
पत्रिका लगातार उठाता रहा मुद्दा
सीटी स्कैन सुविधा बंद होने से आमजन को हो रही परेशानी को लेकर पत्रिका ने लगातार समाचार प्रकाशित कर प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित किया। मशीन उपलब्ध होने और जांच सुविधा बहाल होने के बाद अब मरीजों में राहत की उम्मीद जगी है।