CM Bhajanlal Sharma News: राजस्थान के मुख्यमंत्री इन दिनों गांवों में जाकर सीधे ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं। ‘ग्रामोदय से अंत्योदय’ के संकल्प को जमीन पर उतारने के लिए शुरू की गई ग्राम विकास चौपाल अब केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि त्वरित समाधान और विकास का बड़ा माध्यम बनती जा रही है। मुख्यमंत्री खुद गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दे रहे हैं।
अब तक मुख्यमंत्री प्रतापगढ़ के बम्बोरी, सीकर के जाजोद, अजमेर के कड़ेल, जालोर के पंसेरी और जयपुर के ठिकरिया गांव में ग्राम विकास चौपाल कर चुके हैं। इन चौपालों के दौरान कई बड़े फैसले तुरंत लिए गए। सीकर के जाजोद गांव में छात्राओं की मांग पर एक ही रात में स्कूल में विज्ञान संकाय खोलने का निर्णय लिया गया, जबकि अजमेर के कड़ेल गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री का अगला पड़ाव अब बांसवाड़ा जिले का चुड़ादा गांव होगा, जहां आज ग्राम विकास चौपाल आयोजित होगी। मुख्यमंत्री गांव में रात्रि विश्राम भी करेंगे और अगले दिन पैदल भ्रमण कर घर-घर जाकर ग्रामीणों से बातचीत करेंगे। इसके बाद वे जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
21 मई को मुख्यमंत्री डूंगरपुर जिले के धम्बोला गांव पहुंचेंगे। यहां भी ग्रामीणों के साथ चौपाल, रात्रि विश्राम और पैदल भ्रमण का कार्यक्रम तय किया गया है। सरकार का दावा है कि इन चौपालों के जरिए गांवों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है और योजनाओं की जमीनी हकीकत सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है।
इस बीच प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री अब इलेक्ट्रिक वाहन से ही सफर कर रहे हैं। वागड़ क्षेत्र के कार्यक्रमों में भी ईवी का उपयोग किया जाएगा।