Self Enumeration in Rajasthan: जयपुर. जनगणना संचालन 2026 के अंतर्गत चलाए जा रहे स्वगणना अभियान में जयपुर जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया है। जिले में अब तक 3.25 लाख से अधिक लोगों द्वारा स्वगणना दर्ज कराई जा चुकी है, जो राज्य की कुल स्वगणना उपलब्धि का लगभग 22 प्रतिशत हिस्सा है। यह उपलब्धि न केवल जयपुर प्रशासन की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि आमजन की बढ़ती जागरूकता और जनगणना के प्रति सकारात्मक सहभागिता का भी प्रमाण है।
जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए
जनगणना अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए गए। सोशल मीडिया, जनसंपर्क कार्यक्रमों, प्रचार वाहनों, स्थानीय संस्थाओं और विभिन्न सामुदायिक गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वगणना के महत्व और प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक ऑनलाइन स्वगणना प्रक्रिया में भाग लिया।
अधिकारियों के अनुसार, जनगणना 2026 को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से स्वगणना अभियान को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे न केवल प्रक्रिया तेज और सरल हुई है, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता भी बढ़ी है। जयपुर जिले में इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनगणना कार्मिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने लगातार मेहनत की।
जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त सम्मानित
इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा को सम्मानित किया। दोनों अधिकारी जयपुर जिले के प्रधान जनगणना अधिकारी के रूप में अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन और प्रशासनिक रणनीति के कारण जयपुर ने राज्य में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा
जिला प्रशासन ने कहा कि जनगणना 2026 के सफल संचालन के लिए आगे भी जागरूकता गतिविधियां लगातार जारी रखी जाएंगी। आमजन को अधिक से अधिक संख्या में स्वगणना से जोड़ने के लिए विशेष शिविर, सहायता केंद्र और डिजिटल सहयोग अभियान संचालित किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर नागरिक आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सके और राज्य की जनगणना प्रक्रिया को पूर्ण रूप से सफल बनाया जा सके।
जयपुर जिले की यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है। डिजिटल इंडिया और स्मार्ट प्रशासन की दिशा में यह अभियान एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों के लिए सटीक जनसंख्या आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे।