अलवर शहर की सफाई व्यवस्था के लिए सरकार ने नियमित सफाई कर्मचारी नगर निगम को दिए, लेकिन इनमें से कई सफाई कर्मी सरकारी अधिकारियों के घरों व कार्यालयों की सफाई कर रहे हैं। ये सभी सफाई कर्मी विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग कार्यालयों व उपखंड स्तर पर लगाए गए थे, जो अब तक वहीं टिके हैं। कुछ कार्मिक तो ऐसे हैं, जो शहर की सफाई करने से बचने के लिए हर माह अलग-अलग कार्यालयों में जाकर ड्यूटी कर रहे हैं।
ऐसे कार्मिकों की संख्या सौ से ज्यादा बताई जा रही है। यदि ये सभी कार्मिक शहर की सफाई व्यवस्था में लगाए जाएं, तो स्वच्छ सर्वेक्षण के दौरान न केवल शहर चकाचक होगा, बल्कि रैंकिंग में भी सुधार हो सकता है।
नगर निगम में 550 नियमित सफाई कार्मिक हैं और 836 ठेके के कार्मिक। इनके अलावा 90 ठेका कर्मचारी नाला सफाई के लिए लगाए गए हैं। नगर निगम ने पिछले विधानसभा व लोकसभा चुनाव के दौरान अलग-अलग विभागों में 200 से अधिक नियमित सफाई कर्मचारी लगाए थे, जिनमें 50 फीसदी ही वापस आए। बाकी अभी भी वहीं पर सेवाएं दे रहे हैं। इन सफाई कर्मचारियों की कार्यालयों व घरों पर तैनाती का आंकड़ा सार्वजनिक हुआ, तो हर कोई हैरत में पड़ गया। निगम की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए।
यह है तैनाती का नियम
स्वच्छ सर्वेक्षण इसी माह होना है। ऐसे में वार्डों को चमकाने से लेकर प्रमुख मार्गों को चकाचक करना है। एक वार्ड में 6 नियमित व 11 सफाई कार्मिक ठेके के लगाए गए हैं। यदि सरकारी कार्यालयों में सेवाएं दे रहे कार्मिक भी शहर में उतारे जाएं तो शहर की दशा बदल सकती है। रात की सफाई में कार्मिक बढ़ाकर अच्छे परिणाम लिए जा सकते हैं। उधर, स्वायत्त शासन विभाग कई बार परिपत्र जारी कर साफ कर चुका है कि सफाई कर्मचारी से केवल सफाई का काम कराया जाए, अन्य कार्यों में उसकी ड्यूटी नहीं लगाई जाए।
इन विभागों में सेवाएं दे रहे सफाईकर्मी
जिला कलक्टर कार्यालय
सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग
नगर निगम
उप जिला गणना अधिकारी एवं उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी
एसडीएम अलवर न्यायालय
अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर
जिला एवं सेशन न्यायाधीश
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी अलवर शहर
सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अलवर
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीबी अलवर प्रथम
जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय
जिला निर्वाचन लेखा एवं मतपत्र अलवर
कार्यालयों में लगे अधिकतर सफाई कर्मचारी काफी समय पहले ही वापस बुला लिए गए हैं। उनकी ड्यूटी शहर में लगाई गई है। कुछ लोग बचे हैं, तो उनको भी मूल कार्य पर भेजा जाएगा – सोहन सिंह नरूका, आयुक्त नगर निगम