अलवर। पेट्रोल, डीजल व सीएनजी महंगी होने से ऑटो व टैक्सी का किराया बढ़ गया है। राइड मुहैया कराने वाली कंपनियों ने भी किराया बढ़ा दिया है। गर्मियों की छुट्टियों में टैक्सी बुक करके घूमने का प्लान बना रहे परिवारों की जेब पर भी सीधा असर पड़ेगा, क्योंकि टूर पैकेज भी महंगे हो गए हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से रसोई का भी बजट बिगड़ेगा। इसके अलावा खानपान की वस्तुओं सहित ऑनलाइन फूड डिलीवरी भी महंगी होगी।
भारत टॉकीज टूर एंड ट्रेवल्स एसोसिएशन के सदस्य प्रीतम मेहंदीरत्ता ने बताया कि अग्रसेन सर्किल, भारत टॉकीज, पुलिस कंट्रोल रूम आदि जगहों पर टूर एंड ट्रेवल्स की करीब 800 गाड़ियां है। महंगाई के कारण करीब दो माह से ग्राहक मिलना मुश्किल हो गया है। अब पेट्रोल, डीजल व सीएनजी के रेट बढ़ने के कारण हमने प्रति किमी एक रुपए किराया बढ़ाया है। ग्राहक पहले ही कम थे, अब और दिक्कतें आएंगी। पूरे जिले में टैक्सी का किराया बढ़ा है।
सीएनजी ऑटो चालक विक्रम सिंह व अशोक सिंह ने बताया कि एलपीजी नहीं मिलने के कारण ऑटो घर में खड़ा कर दिया और सीएनजी ऑटो खरीदा। करीब एक माह ही चलाया है और अब सीएनजी पर प्रति किलो 2 रुपए बढ़ गए। अब किराया 5 से 10 रुपए तक बढ़ाया है, लेकिन ग्राहक विरोध कर रहे है। वे चाहते हैं कि 10 रुपए में चार से पांच किमी का सफर तय हो, लेकिन अब इसका किराया 20 रुपए तक किया है। अधिकतर ऑटो चालक अपने खर्च के मुताबिक किराया बढ़ा रहे है। इसी तरह राइड मुहैया कराने वाली दो कंपनियों ने भी 2 किमी तक के सफर का किराया 27 से 28 रुपए कर दिया है, जबकि पहले 21 से 23 रुपए के बीच ले रहे थे।
अब होगी महंगाई की एंट्री, रसोई का बजट बिगड़ेगा
पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के साथ ही महंगाई की एंट्री होने वाली है। तेल महंगा होने से साफ है कि माल ढुलाई के दामों में भी बढ़ोतरी होगी और इससे सब्जी, दाल-चावल और रसोई में इस्तेमाल होने वाली लगभग हर चीज महंगी होगी। ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ना तय है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई अचानक नहीं आएगी, लेकिन जैसे-जैसे परिवहन महंगा होगा वैसे ही दामों में बढ़ोतरी होना शुरू हो जाएगी।
इसलिए बढ़ेंगे दाम
पेट्रोल-डीजल को परिवहन व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। सब्जियां, फल, दूध, दवाई, पैकेज्ड फूड और रोजमर्रा का सामान ले जाने वाले ज्यादातर वाहन डीजल से चलते हैं। बसें, ट्रैक्टर, जनरेटर और कमर्शियल वाहन भी डीजल पर निर्भर हैं। घरों में ऑनलाइन डिलीवरी के लिए बाइक का प्रयोग होता है, वह पेट्रोल से चलती है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से स्वतः ही अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ना शुरू हो जाएंगी।
ऑनलाइन फूड डिलीवरी होगी महंगी
अलवर शहर में लगातार ऑनलाइन खाने की चीजें मंगवाने का चलन बढ़ा है। पेट्रोल महंगा होने पर कंपनियां डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म या हँडलिंग चार्ज, पीक टाइम में सर्ज प्राइसिंग और न्यूनतम ऑर्डर राशि बढ़ा सकती हैं। एक बार में 10-20 रुपए का अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है।
खानपान की वस्तुओं पर दिखेगा सर्वाधिक असर
ट्रांसपोर्ट की लागत बढ़ने से सब्जियां, फल, दूध, दही, पनीर, अनाज, खाने का तेल और पैकेज्ड फूड की कीमतें बढ़ना तय माना जा रहा है। अलवर जिले में जितना भी फल आता है, वह दूसरे राज्यों से ट्रकों के माध्यम से आता है। कई बार दूरी होने की वजह से कोल्ड स्टोरेज या रेफ्रिजरेटेड वाहनों की जरूरत होती है, जिनमें अतिरिक्त ईंधन खर्च होता है। जो सीधे तौर पर वस्तुओं के दाम बढ़ाएगा।
फसलों पर भी पड़ेगा असर
खेतों पर भी इस महंगाई का असर देखने को मिलेगा। किसान ट्रैक्टर, सिंचाई पंप और फसल कटाई मशीनों में डीजल का इस्तेमाल करते हैं। इसके महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी तो आगे चलकर इसका असर फसलों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।