राजस्थान की राजनीति में अक्सर नेताओं के लंबे-चौड़े काफिलों, हूटर बजाती गाड़ियों और भारी पुलिस सुरक्षा के दृश्य आम बात हैं, लेकिन इस बार मरुधरा की डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कुछ ऐसा किया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। अमूमन अपने शाही बैकग्राउंड और रसूख के लिए जानी जाने वाली दीया कुमारी शनिवार को जयपुर रेलवे स्टेशन पर एक आम पैसेंजर की तरह नजर आईं।
उन्होंने अजमेर जाने के लिए अपनी सरकारी लग्जरी गाड़ियों को गैरेज में ही छोड़ दिया और ट्रेन का टिकट लेकर सीधे प्लेटफॉर्म की ओर रुख कर लिया। उनके इस फैसले से रेलवे स्टेशन के स्टाफ से लेकर ट्रेन के भीतर बैठे आम मुसाफिर तक अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पा रहे थे।
टीटीई को चेक कराया टिकट, पैसेंजर्स के साथ जमी चौपाल
ट्रेन के भीतर जैसे ही डिप्टी सीएम दीया कुमारी दाखिल हुईं, बोगी में बैठे यात्री उन्हें अपने बिल्कुल बगल वाली सीट पर पाकर चौंक गए।
कायदे और कानून की मिसाल: सफर के दौरान जब ट्रेन के टीटीई (TTE) टिकट चेक करने पहुँचे, तो डिप्टी सीएम ने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल का धौंस जमाने के बजाय बेहद शालीनता से अपना टिकट निकालकर उन्हें चेक कराया।
Diya Kumari Train Journey Jaipur To Ajmer
सेल्फी और तस्वीरों का दौर: ट्रेन में राजस्थान की उप-मुख्यमंत्री को अपने इतने करीब पाकर सहयात्रियों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँच गया। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उनके साथ तस्वीरें और मोबाइल सेल्फी खिंचवाई, जिसके लिए दीया कुमारी ने सहर्ष हामी भरी।
Diya Kumari Train Journey Jaipur To Ajmer
जनता से लिया ‘डबल इंजन’ सरकार का फीडबैक
यह सफर सिर्फ एक प्रतीकात्मक यात्रा नहीं था, बल्कि डिप्टी सीएम ने इसे जनता की नब्ज टटोलने का एक बड़ा जरिया बनाया।
आमने-सामने संवाद: जयपुर से अजमेर के पूरे रास्ते में उन्होंने अपनी सीट के आसपास बैठे दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और छात्रों से आत्मीय संवाद किया।
Diya Kumari Train Journey Jaipur To Ajmer
ग्राउंड रिपोर्ट की पड़ताल: दीया कुमारी ने यात्रियों से बातचीत के दौरान केंद्र और राज्य की ‘डबल इंजन’ सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर सीधे सवाल पूछे और जमीनी हकीकत जानी कि योजनाएं असल में उन तक पहुँच रही हैं या नहीं।
पीएम मोदी के “राष्ट्र प्रथम” के आह्वान को किया आत्मसात
इस यादगार और सुखद यात्रा के बाद डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर सफर के खूबसूरत पलों और यात्रियों के साथ बातचीत की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी के “राष्ट्र प्रथम” के प्रेरणादायी आह्वान को आत्मसात करते हुए आज अजमेर प्रवास हेतु भारतीय रेल से सफर किया तथा सहयात्रियों के साथ आत्मीय संवाद कर उनके विचारों और अनुभवों को जाना। आज आवश्यकता इस बात की है कि विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत को भी जन आंदोलन का स्वरूप प्रदान किया जाए। सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) के प्रति बढ़ता विश्वास देश को आर्थिक सुदृढ़ता, ऊर्जा संरक्षण और स्वच्छ परिवेश की दिशा में नई गति प्रदान करता है।”
उन्होंने आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देशभर में प्रकृति संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास को लेकर जनभागीदारी का भाव निरंतर मजबूत हो रहा है। देश के प्रत्येक नागरिक का एक छोटा सा प्रयास भी राष्ट्र निर्माण की इस महान यात्रा में बहुत महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि दीया कुमारी का यह कदम सिर्फ एक सामान्य ट्रेन यात्रा नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश छिपा है:
दरअसल, जनता हमेशा से नेताओं के भारी-भरकम लाव-लश्कर और सड़कों पर लगने वाले ट्रैफिक जाम से परेशान रहती है। ऐसे में एक डिप्टी सीएम का सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है।