Good News : राजस्थान के इस बड़े सरकारी अस्पताल को मिलेंगे 9 करोड़ के रोबोटिक उपकरण, मरीजों को होगा फायदा

JLN Hospital Ajmer News: राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश के अजमेर जिले में स्थित जेएलएन अस्पताल की सूरत अब पूरी तरह बदलने वाली है। जल्द ही यहाँ मरीजों का इलाज किसी बड़े प्राइवेट अस्पताल या महानगरों की तर्ज पर अत्याधुनिक मशीनों द्वारा किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की विशेष पहल पर इस अस्पताल को करीब 9 करोड़ रुपये की लागत के अत्याधुनिक रोबोटिक उपकरण मिलने जा रहे हैं।

महानगरों जैसी सुविधा अब स्थानीय स्तर पर

अक्सर देखा जाता है कि जटिल सर्जरी या गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए राजस्थान के लोगों को दिल्ली, मुंबई या अहमदाबाद जैसे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। लेकिन अब इस अस्पताल में सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस” विकसित होने से अजमेर संभाग सहित आसपास के जिलों के लाखों मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही विश्व स्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।

रोबोटिक सर्जरी से क्या बदलेगा?

चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि रोबोटिक सर्जरी तकनीक के आने से जटिल से जटिल ऑपरेशन अब और भी ज्यादा सटीक (Accurate) तरीके से किए जा सकेंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि:
1. इसमें चीर-फाड़ कम होती है, जिससे मरीज को दर्द कम होता है।
2. सर्जरी के दौरान खून बहुत कम बहता है।
3. मरीज की रिकवरी बहुत तेजी से होती है और उसे अस्पताल में ज्यादा दिन नहीं रुकना पड़ता।
इस तकनीक का लाभ विशेष रूप से गायनिक (स्त्री रोग), यूरोलॉजी, कार्डियक (हृदय रोग) और जनरल सर्जरी के मरीजों को मिलेगा।

करोड़ों का बजट और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सीएसआर (CSR) के तहत 9 करोड़ रुपये के उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, अस्पताल प्रशासन ने भविष्य की जरूरतों को देखते हुए पहले ही सवा करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का निर्माण पूरा कर लिया है। साथ ही, अस्पताल में एक करोड़ रुपये की लागत से एक ऐसी ‘सुपर मशीन’ भी लगाई जाएगी जो एक ही प्लेटफॉर्म पर खून की सभी प्रकार की जांचें त्वरित और सटीक रूप से कर सकेगी।

स्टाफ को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

रोबोटिक मशीनों को चलाने के लिए अस्पताल के सर्जनों, डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ संस्थानों की मदद ली जाएगी, ताकि तकनीक का सही और सुरक्षित लाभ आम जनता तक पहुँच सके। विधानसभा अध्यक्ष ने इस परियोजना की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष (CMR) से भी हर संभव मदद सुनिश्चित की जा रही है। इस ऐतिहासिक कदम के बाद राजस्थान का यह सरकारी अस्पताल चिकित्सा क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगा।