सलूंबर में मरती बाई हत्याकांड: पड़ोसी ही निकला कातिल, गला दबाकर की हत्या, लूट लिए थे चांदी के गहने

Marti Bai Murder Case: सलूंबर थानांतर्गत बनोड़ा गांव में चार दिन पहले लापता हुई बुजुर्ग महिला की हत्या कर चांदी के गहने लूटने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। बनोड़ा निवासी मरती उर्फ अमरती बाई उम्र 80 वर्ष के अचानक बुधवार को लापता होने के बाद परिजनों ने सलूंबर थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई थी।

बता दें कि बुजुर्ग महिला का शनिवार तक पता नहीं चलने पर ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया था। थानाधिकारी पवन सिंह ने बताया कि जिला पुलिस अधीक्षक विशनाराम विश्नोई के निर्देशन में संदिग्ध मामले को देखते हुए पुलिस ने संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ शुरू की। उसमें उसने महिला की हत्या कर गहने लूटने की वारदात स्वीकार कर ली।

पुलिस शनिवार देर रात को आरोपी हीरालाल पटेल के निशानदेही पर बेडावल के जंगल में स्थित पुलिया पर पहुंची। जहां महिला मरती देवी उर्फ अमरती देवी का शव पड़ा मिला। इसको शिनाख्त करवाकर सलूंबर जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया।

बुजुर्ग महिला के पड़ोस में रहता था आरोपी

मरती बाई की हत्या करने वाला आरोपी मृतक के घर से कुछ दूरी पर रहता था, जो नजदीक पड़ोसी भी है। आरोपी हीरालाल ने पुलिस को बताया कि बुधवार शाम करीब 6 बजे मरती बाई उर्फ अमरती अपने घर के बाहर मंजन कर थी और मैं उनके पास पहुंचा और कहा कि मेरे साथ चलो, नाभि को ठीक करना है।

महिला बिना सोचे समझे मोटरसाइकिल पर बैठ गई और मैं उसको नानगा गांव होते हुए बेड़ावल के जंगल में ले गया। जहां पुल पर मोटसाइकिल रोककर महिला का गला दबाकर हत्या कर दी और उसके पहने हुए चांदी के कड़े व हाथ में पहने चांदी के डंक (चूड़ियां) लूट ली और शव को पुल से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी हीरालाल पुत्र कांजी पटेल निवासी बनोड़ा को गिरफ्तार किया तथा न्यायालय के आदेश पर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा दिया।

आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोपी पकड़ा

गींगला पुलिस ने एक युवक को डराने-धमकाने और अवैध वसूली कर उसे आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी नायालाल पुत्र खेमा मीणा, निवासी देवपुरा को न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

मामले में नामजद दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। यह मामला बीते 28 अप्रैल को गींगला थाने में दर्ज हुआ था। देवीया मीणा ने रिपोर्ट दी थी कि 22 अप्रैल को उसका पुत्र गौतमलाल और भतीजा भैरूलाल मवेशी चराने गए थे। वहां मामूली बात को लेकर आरोपी नरेश, नाया और केसा मीणा ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें बंधक बना लिया।

डरे-सहमे परिजनों ने मौके पर 5,000 रुपए भी दिए, लेकिन आरोपियों ने युवक को जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया। इस प्रताड़ना और लोक-लाज के डर से आहत होकर गौतमलाल ने अगले दिन 23 अप्रैल को पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी थी।