Kotputli-Behror News : स्कूल में बांट दी शादी में बची ‘बासी’ रसमलाई! 30 बच्चे समेत 97 लोग बीमार 

राजस्थान में शादियों का सीजन अपने चरम पर है, लेकिन कोटपुतली-बहरोड़ जिले के विराटनगर इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने उत्सव के माहौल को दहशत में बदल दिया है। यहाँ ढाणी गैसकान गांव में एक शादी समारोह के दौरान परोसी गई मिठाइयां ‘जहर’ साबित हुईं। शुक्रवार को मिठाई खाते ही एक के बाद एक 30 मासूम बच्चों सहित 97 लोग गंभीर रूप से बीमार हो गए। गांव की गलियों में एम्बुलेंस के सायरन और अस्पताल में भर्ती बच्चों की सिसकियों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

प्रार्थना सभा के बाद अफरा-तफरी

यह पूरी घटना शुक्रवार सुबह की है। जानकारी के अनुसार, गांव में गुरुवार रात को एक लगन-टीका समारोह आयोजित किया गया था। समारोह के बाद काफी मात्रा में ‘रसमलाई’ बच गई थी। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गांव के ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में यह बची हुई रसमलाई बच्चों के बीच बांट दी गई। स्कूल स्टाफ का कहना है कि उन्होंने बच्चों को देने से पहले खुद भी मिठाई चखी थी, लेकिन तब सब कुछ ठीक लग रहा था।

मिठाई खाने के करीब चार घंटे तक सब सामान्य रहा, लेकिन जैसे ही घड़ी की सुइयां 12 पर पहुँचीं, स्कूल में मंजर बदल गया।सबसे पहले एक बच्चे को उल्टी हुई, और फिर देखते ही देखते बच्चों की कतार लग गई। बच्चों ने पेट दर्द, चक्कर आना और जी घबराने की शिकायत की।

केवल स्कूल ही नहीं, बल्कि गांव के उन अन्य लोगों की भी तबीयत बिगड़ने लगी जिन्होंने सुबह वह रसमलाई खाई थी।प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 97 लोग इस फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए हैं, जिनमें 30 स्कूली बच्चे शामिल हैं।

अस्पताल में बेड की कमी, प्रशासन अलर्ट मोड पर

जैसे ही बड़ी संख्या में बीमार लोग आंतेला सीएचसी पहुँचे, वहां अफरा-तफरी मच गई।

मेडिकल टीम का एक्शन: डॉ. संतोष कुमार स्वामी के नेतृत्व में नर्सिंग ऑफिसर महेंद्र सैनी, राजबाला, कृष्णा और फार्मासिस्ट रामकुंवार की टीम ने तत्काल मोर्चा संभाला। कई गंभीर मरीजों को शाहपुरा उप जिला अस्पताल भी भेजा गया।

SDM और BCMO मौके पर: घटना की गंभीरता को देखते हुए विराटनगर एसडीएम कपिल उपाध्याय और बीसीएमओ डॉ. सुनील मीणा तुरंत अस्पताल पहुँचे और मरीजों के इलाज की निगरानी की। अधिकारियों ने चिकित्सकों को साफ निर्देश दिए हैं कि इलाज में कोई कोताही न बरती जाए।

रसमलाई के सैंपल्स लिए

कोटपुतली-बहरोड़ जिला एफएसएल (FSL) टीम ने गांव पहुँचकर उस रसमलाई के नमूने लिए हैं। प्राथमिक तौर पर इसे ‘बैक्टीरियल इंफेक्शन’ माना जा रहा है। गर्मी के कारण दूध से बनी मिठाइयां 8-10 घंटे बाद ही खराब होने लगती हैं। रात की बनी रसमलाई सुबह तक जहरीली हो चुकी थी।

सवाल यह भी उठ रहा है कि स्कूल प्रशासन ने बिना किसी जांच या अनुमति के बाहरी मिठाई को बच्चों में बांटने की मंजूरी कैसे दी?