IMD Triple Alert: राजस्थान में तेज गर्मी के बाद आंधी-बारिश का अलर्ट, 10 मई को ‘नया विक्षोभ’ होगा एक्टिव

Rajasthan Weather Update: राजस्थान में दो दिन तक हवाएं थमने और बादल छंटने के बाद मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। राजस्थान में तेज हवाओं के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का असर और तेज होगा।

वहीं 10 मई से हिमालय के तराई क्षेत्रों में एक नया कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से शेखावाटी क्षेत्र और बीकानेर संभाग में हल्की बारिश, बादल छाने और तेज हवाएं चलने की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-बारिश, मेघगर्जन-वज्रपात और लू को लेकर ट्रिपल अलर्ट जारी किया है।

सीकर और फतेहपुर में बदला मौसम का मिजाज

सीकर जिले में शुक्रवार सुबह धूप के तेवर तीखे नजर आए, लेकिन दिनभर चली तेज हवाओं के कारण तापमान में करीब डेढ़ डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शाम के समय लोगों को गर्मी से कुछ राहत महसूस हुई। फतेहपुर में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.9 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सीकर में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

आज कई जिलों में ट्रिपल अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने 9 मई 2026 को कोटा और भरतपुर संभाग में हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली और खैरथल-तिजारा जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और झोंकदार तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के बालोतरा, बाड़मेर, जैसलमेर और फलौदी जिलों में उष्ण लहर यानी लू चलने की चेतावनी दी गई है।

10 से 12 मई तक लू का असर बढ़ेगा

10 मई को फलौदी, जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर, बाड़मेर और बालोतरा जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 11 मई को बीकानेर संभाग में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर, जोधपुर, फलौदी और श्रीगंगानर में लू चलने का अलर्ट रहेगा। 12 मई को भी इन जिलों में गर्म हवाओं का असर जारी रहने की संभावना है।

मेड़ता मंडी में बारिश से करोड़ों की फसल खराब

नागौर जिले के मेड़ता सिटी की कृषि उपज मंडी में शुक्रवार को हुई तेज बारिश से किसानों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। मंडी में खुले में रखी रायड़ा, चना, जीरा, ईसबगोल समेत अन्य फसलें भीग गईं। अचानक बदले मौसम के कारण उपज को सुरक्षित रखने का मौका नहीं मिल सका। शुरुआती अनुमान के अनुसार करीब 5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। रायड़ा और चना की फसल में शत-प्रतिशत नुकसान बताया जा रहा है। किसानों और व्यापारियों ने मंडी प्रशासन पर शेड और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।