उदयपुर: झीलों की नगरी अब बेतरतीब विस्तार और बढ़ते ट्रैफिक दबाव से बाहर निकलकर सुनियोजित भविष्य के शहर की ओर बढ़ने जा रही है। शहर और उसके आसपास शामिल 205 गांवों के विकास को लेकर उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने व्यापक मास्टर प्लान और एक्शन प्लान पर काम शुरू किया है।
बता दें कि आने वाले वर्षों में ऐसा विकास होगा, जिसमें शहर के भीतर ट्रैफिक जाम कम होगा। बाहरी मार्ग आपस में जुड़े होंगे और गांवों तक आधुनिक सुविधाएं पहुंचेगी। सीएम भजनलाल शर्मा के समक्ष ब्लूप्रिंट पेश करने के बाद यूडीए विकास कार्यों को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गया।
2047 को लक्ष्य मानकर तैयार इस विजन प्लान में शहर की मौजूदा 30 किलोमीटर परिधि को आधुनिक, व्यवस्थित और टिकाऊ विकास मॉडल के रूप में विकसित करने की रणनीति बनाई जा रही है।
महाराणा प्रताप थीम रोड
यूडीए शहर की सड़कों को केवल यातायात का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन और सौंदर्यकरण से जोड़कर विकसित करना चाहता है। इसी कड़ी में प्रतापनगर-बलीचा बाइपास पर महाराणा प्रताप थीम रोड की तरह ही विकसित करने की योजना है, जिसमें विशेष लाइटिंग, थीम बेस्ड डिजाइन और आकर्षक शहरी संरचना तैयार की जाएगी।
रानी रोड के करीब 7 से 8 किमी क्षेत्र की सर्पिलाकार रोड को सौंदर्यकरण और सुदृढ़ीकरण के जरिए पर्यटन आकर्षण के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा रामगिरी पहाड़ी क्षेत्र और शहर के आसपास उपलब्ध भूमि पर नए प्रोजेक्ट विकसित करने की तैयारी है।
शहर में नहीं घुसेगा भारी ट्रैफिक, बाहरी रूट से कनेक्टिविटी
कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान के तहत ऐसी सड़कें विकसित करने पर जोर है, जिससे बाहरी वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश ही नहीं करना पड़े।
सभी प्रमुख सड़कें लिंक होंगी, ताकि वाहन चालकों को यू-टर्न लेने या घूमने की जरूरत न पड़े।
एक सिरे से प्रवेश करने वाला दूसरे छोर तक निकल सकेगा।
चौराहों का चौड़ीकरण, ट्रैफिक री-इंजीनियरिंग और फ्लाईओवर इसका हिस्सा होंगे।
बलीचा और पारस तिराहे पर फ्लाइओवर निर्माण जारी। बलीचा क्षेत्र में री-इंजीनियरिंग के साथ एलिवेटेड रोड की योजना है।
सीसारमा-नांदेशमा रोड, बड़गांव-कविता मार्ग और जड़ाव नर्सरी-कलड़वास मार्ग का चौड़ीकरण एवं विस्तार किया जा रहा है।
यूडीए अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में आबादी तेजी से बढ़ेगी, इसलिए अभी से बाहरी मार्गों को मजबूत और चौड़ा करना जरूरी है।
दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें भी सुरक्षित बनाएंगे।
नगर सीमा के गांवों का समग्र विकास मॉडल
शहर की सीमा में शामिल किए 205 गांवों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इनमें से 136 गांव पहले से शहरी दायरे में शामिल हैं, जबकि शेष गांवों को चरणबद्ध रूप से जोड़ा जा रहा है। इन गांवों के लिए पहली बार विस्तृत मास्टर प्लान तैयार होगा।
इसमें सड़कें, ड्रेनेज, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और यातायात व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जाएगा। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया से भी तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।
भुवाणा-अंबेरी सड़क होगी चौड़ी आरके सर्कल का होगा विस्तार
भुवाणा से अंबेरी चौराहे तक की सड़क को सिक्स लेन किया जाएगा। आरके सर्कल के चौड़ीकरण की योजना भी बनाई है। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक रूट विकसित करेंगे।
पट्टों का किया जाएगा कन्वर्जन गांवों में मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के साथ साथ वैध पट्टों और कन्वर्जन की वर्षो पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में भी काम किया जाएगा।
यूडीए ऐसे मामलों में नामांतरण और लीज प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी कर रहा है, जिससे हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। शहर के भीतर वाहनों का भार घटे। पर्यटन नगरी होने के कारण हर सीजन में पर्यटकों का दबाव रहता है। ऐसे में शहर की सड़कों को आधुनिक और पर्यटन अनुकूल बनाने पर फोकस है।