बीकानेर: राजस्थान की भीषण गर्मी अब न केवल आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है। बल्कि सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों के लिए भी ‘काल’ बन रही है। ताजा मामला बीकानेर जिले के रोशनी घर चौराहे से सामने आया है। जहां एक इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक भीषण आग लग गई।
बता दें कि देखते ही देखते स्कूटी आग के गोले में बदल गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के समय स्कूटी सवार दो युवक चौराहे से गुजर रहे थे। तभी अचानक स्कूटी की डिग्गी से धुआं निकलने लगा। गनीमत रही कि बाइक सवारों ने समय रहते स्थिति को भांप लिया और तुरंत स्कूटी को छोड़कर दूर खड़े हो गए।
चंद सेकंडों के भीतर ही आग ने पूरी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। बीच सड़क पर वाहन को जलता देख मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक स्कूटी पूरी तरह खाक हो चुकी थी।
जिसकी स्कूटी जली, उसने क्या बताया
चिन्मय शर्मा ने बताया कि वह अपने साथी के साथ स्कूटी को टोचन करके ला रहे थे। गाड़ी सुबह 5-6 बजे से पेट्रोल पंप पर खड़ी थी। हम इसे टोचन करके ला रहे थे कि अचानक डिग्गी से धुआं निकलने लगा। जब हमने डिग्गी खोलकर देखी, तो बैटरी वाले हिस्से में आग लग चुकी थी।
हमने तुरंत पानी डाला, लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ा। पास की दुकान से लोग फायर एक्सटिंग्विशर लेकर आए और उसका छिड़काव किया, मगर लिथियम बैटरी की आग इतनी भयानक थी कि वह बुझी नहीं और पूरी गाड़ी जल गई।
सुरक्षा पर सवाल
बीकानेर सहित पूरे प्रदेश में तापमान 45-48 डिग्री के करीब पहुंच रहा है। ऐसे में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बैटरी में ब्लास्ट और आगजनी की बढ़ती घटनाओं ने वाहन मालिकों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लिथियम-आयन बैटरी अधिक तापमान को सहन नहीं कर पाती और ‘थर्मल रनअवे’ की स्थिति में इनमें आग लग जाती है।
अगर EV में आग लगे तो क्या करें?
लिथियम-आयन बैटरी की आग रासायनिक होती है। इस पर सामान्य पानी डालने से शॉर्ट सर्किट या हाइड्रोजन गैस बनने का खतरा रहता है। केवल विशेष ‘क्लास डी’ फायर एक्सटिंग्विशर या भारी मात्रा में पानी (बैटरी को ठंडा करने के लिए) का ही उपयोग पेशेवर देखरेख में करें।
यदि डिग्गी या सीट के नीचे से धुआं निकले, तो तुरंत वाहन को स्टैंड पर खड़ा करें और कम से कम 15-20 फीट दूर हो जाएं। बैटरी में ब्लास्ट होने का खतरा रहता है।
भीषण गर्मी में स्कूटी को सीधी धूप में चार्ज न करें। चलाने के तुरंत बाद (जब बैटरी गर्म हो) चार्जिंग पर न लगाएं। कम से कम 30-45 मिनट रुकें।
टोचन करते समय सावधानी
जैसा कि उपरोक्त मामले में हुआ, बंद ईवी को खींचते समय मोटर के घूमने से बिजली पैदा हो सकती है, जो खराब बैटरी में आग लगा सकती है। इसे हमेशा फ्लैटबेड ट्रक पर ही ले जाएं। यदि बैटरी सामान्य से अधिक गर्म हो रही है या उसमें से गंध आ रही है, तो तुरंत अधिकृत सर्विस सेंटर पर दिखाएं।