धौलपुर.जागरूकता का अभाव और फैली भ्रांतियों के कारण जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव को एचपीवी टीकाकरण अभियान परवान नहीं चढ़ पा रहा। अभियान के 68 दिनों में अभी तक केवल 1296 बेटियों को टीके लगाए जा सके हैं, जबकि अभियान के 22 दिन शेष हैं। अब ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के लिए इन शेष दिनों में 13404 टीके लगा पाना असंभव साबित हो सकता है।
बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने प्रदेश में 28 फरवरी से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस ) टीकारण अभियान प्रारंभ किया गया था। यह अभियान तीन माह यानी 90 दिनों तक चलाया जाना है। अभियान के तहत 14-15 वर्षीय बेटियों का टीकाकरण किया जाना है। यह टीकाकरण नि:शुल्क और सुरक्षित होने के साथ-साथ सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी की रोकथाम में कारगर साबित होगा, लेकिन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव और लोगों में फैली भ्रांतियों के कारण अभी तक अभियान के 68 दिनों में जिले भर में केवल 1296 बेटियों को टीका लग पाया है। यानी तय लक्ष्य से 10 प्रतिशत ही टीकाकरण हो सका है। जिला स्वास्थ्य विभाग को 14700 टीके लगाने का लक्ष्य मिला है, जबकि अभियान की समाप्ति में केवल 22 दिन ही शेष रह गए हैं। अब ऐसी स्थिति में 13404 टीके स्वास्थ्य विभाग को लगाने होंगे। यह टीकारण शहर से लेकर जिले भर में सीएचसी, पीएचसी सहित 25 सेंटरों पर किया जा रहा है।
लक्ष्य के पास पहुंचना भी होगी टेढ़ी खीर
शहर से लेकर जिले भर में टीकाकरण की रफ्तार को स्वास्थ्य विभाग अभी तक बढ़ा नहीं सका है। अभियान के 68 दिन व्यतीत हो चुके हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग 14700 टीकों में से केवल 1296 डोज ही लग सकें हैं, जबकि अभियान के केवल 22 दिन ही शेष बचे हैं। अब ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि लक्ष्य को पूरा करना तो दूर उसके करीब ही पहुंचा जाए, लेकिन जिले में टीकाकरण की जैसी रफ्तार चल रही है उसे देखकर लगता है कि यह विभाग के लिए टेढ़ी खीर साबित होगी।
एचपीवी टीका पूर्ण रूप से सुरक्षित
अमूमन देखा जाता है कि टीकाकरण को लेकर हमारे समाज और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग भ्रांतियां और डर का माहौल रहता है और लोग किसी नवीन टीकाकरण को लेकर सहज नहीं होते। कोविड वेक्सीनेशन के बाद सामने आए कुछ दुष्परिणामों से इसको और बल मिला। लेकिन यह सब जागरूकता और जानकारी का अभाव के कारण ही सामने आता है। यही कारण इन दिनों जिले में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के टीका (एचपीवी) को लेकर हो रहा है। जहां अभिभावक अपनी बेटियों में यह टीका लगवाने में संकोच कर रहे हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग टीके को पूर्ण रूप से सुरक्षित बता चुका है। ऐसी स्थिति में अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य को देखते अभिभावकों को आगे आगर एचपीवी का टीका बेटियों में लगवाना चाहिए।
किया जा रहा जागरूक, लगाए जा रहे कैम्प
अभियान के 68 दिनों में टीकाकरण की रफ्तार जरूर धीमी है, लेकिन उसे बढ़ाने स्वास्थ्य विभाग भी भरकस प्रयास कर रहा है। स्कूलों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम के साथ एचपीवी टीकाकरण ेंके विशेष कैम्प भी लगाए जा रहे हैं। जिनमें बेटियों सहित उनके अभिभावकों को टीकाकरण से सर्वाकल कैंसर से बचाव की जानकारी दी जा रही है और बताया जा रहा है कि टीकाकरण किसी भी स्थिति में सुरक्षित और फायदेमंद ही है। बुधवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गोपालपुरा में टीकाकरण कैम्प लगाया गया जहां 29 बेटियों के टीकाकरण किया गया। तो वहीं हथवारी प्राथिमिक स्वास्थ्य केन्द्र में 25 बेटियों के वेक्सीनेशन किया गया।
28 फरवरी से प्रारंभ था अभियान
राजस्थान में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 28 फरवरी को अजमेर से राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान मुख्य रूप से 14-15 वर्ष की बालिकाओं के लिए है, जिन्हें स्वास्थ्य केंद्रों पर नि:शुल्क सिंगल डोज टीका लगाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीका हर प्रकार से सुरक्षित और, इसका कोई साइड इफेक्ट तक नहीं है। यही कारण है कि यह टीका बालिकाओं को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए दिया जा रहा है।
क्यों पिछड़ रहा टीकाकरण
– साइड इफेक्ट की अफवाहें: देखने में आ रहा है कि कई क्षेत्रों में वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है, जो कि औचित्यहीन और निराधार है।
– सीमित प्रचार प्रसारङ: स्वास्थ्य विभाग भी वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को ठीक से फायदे नहीं बता सका, प्रचार प्रसार भी सीमित रहा।
– जागरूकता की कमी: शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों मेें वैक्सीन को लेकर लोग जागरूक नहीं हो पा रहे। मन में भैली भ्रांतियां।
– जानकारी का अभाव: इन दिनों महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दूसरा घातक कैंसर बनकर सामने आया है। जो ह्यमन पैपिलोमा वायरस से होता है। लोगों में इसके प्रति गंभीरता नहीं है।
एचपीवी टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों की मदद से स्कूलों में अभियान चलाया जाएगा। जिससे बेटियों को इस टीका का लाभ मिल सके। टीकाकरण को लेकर लोगों में जागरूकता भी लाई जा रही है।
– डॉ.धर्म सिंह मीणा, सीएमएचओ धौलपुर