Rajasthan Heatwave Alert: पश्चिमी विक्षोभ का असर अब राजस्थान से खत्म हो गया है। ऐसे में मौसम फिर करवट लेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग के जयपुर केंद्र के अनुसार प्रदेश में 9 मई से हीटवेव जैसी परिस्थितियां बनने के संकेत हैं। हालांकि उससे पहले अगले 2 से 3 दिनों तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश, मेघगर्जन और धूल भरी हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 मई को राजस्थान के जैसलमेर, फलोदी और आसपास के क्षेत्रों में तापमान फिर से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। ऐसे में राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में 9 से 11 मई के बीच लू का एक नया दौर देखने को मिल सकता है। वहीं पूर्वी राजस्थान में फिलहाल भीषण लू की संभावना कम बताई जा रही है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर ज्यादा रहने की आशंका है।
सवाईमाधोपुर जिले में आगामी तीन-चार दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि संभावित है। बढ़ते तापमान के मद्देनजर कृषि विभाग ने जिले के किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। कृषि संयुक्त निदेशक लखपत लाल मीना ने बताया कि जायद सीजन की फसलों, सब्जियों एवं फलदार पौधों को गर्मी के प्रभाव से बचाने के लिए समय पर वैज्ञानिक उपाय अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे फसलों में सिंचाई केवल सुबह या शाम को ही करें और ड्रिप व स्प्रिंकलर पद्धति का उपयोग अधिक लाभकारी होगा। मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का प्रयोग करें।
शेड नेट या अस्थायी छाया की करें व्यवस्था
सब्जी फसलों और नर्सरी पौधों को तेज धूप से बचाने के लिए शेड नेट या अस्थायी छाया की व्यवस्था करें। फलदार पौधों के तनों पर सफेद चूना लगाने से उन्हें गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है। किसानों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच खेतों में काम करने से बचने तथा फसलों में मुरझाने के लक्षण दिखते ही तत्काल सिंचाई करने को कहा गया है।
पशुपालकों के लिए भी सलाह है कि पशुओं को छायादार स्थान पर रखें, पर्याप्त स्वच्छ पेयजल दें और सुबह चारा दें। मानव स्वास्थ्य के लिए किसानों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बीच-बीच में विश्राम करने की अपील की गई है। कृषि विभाग ने किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता होने पर नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क करने का अनुरोध किया है।
चिकित्सा विभाग की विशेष पहल
राजस्थान में बढ़ती गर्मी एवं हीटवेव की चुनौती को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक और प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए विशेष पहल की गई है। विभाग ने हीटवेव प्रबंधन सहित स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन के दृष्टिगत राज्य स्तर से सभी जिलों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त कर उन्हें जिलों में भेजा गया।
इन अधिकारियों ने चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर हीटवेव प्रबंधन सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का विस्तृत जायजा लिया है। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश में आमजन को स्वास्थ्य सेवाएं लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।