Judge Aman Sharma case: जज अमन शर्मा की आत्महत्या के मामले ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। इस दुखद घटना के बाद उनके पिता, एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
बता दें कि पिता के बयानों से साफ है कि अमन की वैवाहिक जिंदगी बाहर से जितनी शांत दिख रही थी, भीतर उतना ही मानसिक तनाव और कलह व्याप्त था।
दोस्त की बेटी से होनी थी शादी, फिर बदला फैसला
मीडिया रिपोर्ट्स और पिता प्रेम कुमार शर्मा के बयानों के अनुसार, शुरू में अमन की शादी परिवार के एक करीबी दोस्त की बेटी के साथ तय करने का विचार था। परिवार चाहता था कि अमन अपनी निजी जिंदगी में स्थिरता पाए, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। इसी बीच, अमन ने अपनी बैचमेट (सहपाठी) के प्रति अपनी पसंद जाहिर की और उससे शादी करने की इच्छा जताई।
पिता ने बताया कि बेटे की खुशी के लिए उन्होंने अपना पुराना प्लान बदल दिया। उन्होंने कहा, हमने अमन के फैसले का सम्मान किया और पूरे रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से उसकी शादी कराई। लेकिन जिस शादी को खुशियों की शुरुआत समझा गया था, वही बाद में विवादों की जड़ बन गई।
शादी के बाद बिगड़ने लगे हालात
अमन शर्मा के पिता का कहना है कि शादी के कुछ समय बाद तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन फिर धीरे-धीरे घर में तनाव बढ़ने लगा। पिता के मुताबिक, अमन कभी भी अपने व्यक्तिगत झगड़ों को बाहर नहीं लाते थे। वह शांत स्वभाव के थे और सबका सम्मान करते थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अमन की पत्नी की बहन (साली), जो कि एक IAS अधिकारी हैं, वह उनकी पत्नी को लगातार भड़काती थीं।
पिता का अपमान बना वजह
परिजनों का दावा है कि आत्महत्या से कुछ समय पहले अमन और उनकी पत्नी के बीच तीखी बहस हुई थी। इस दौरान पत्नी ने अमन के पिता की बेइज्जती की, जिससे अमन मानसिक रूप से काफी टूट गए थे।
अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचे ससुराल पक्ष के लोग
घटना के बाद की स्थितियां और भी तनावपूर्ण हो गईं। बताया जा रहा है कि अमन की पत्नी अपने दोनों बच्चों के साथ घर छोड़कर चली गई थीं। रविवार को जब अलवर में अमन का अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान कैडर के कई वरिष्ठ जज और न्यायिक अधिकारी पहुंचे, लेकिन ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य अंतिम विदाई देने नहीं पहुंचा। पिता प्रेम कुमार शर्मा ने ही भारी मन से अपने बेटे को मुखाग्नि दी।
‘न्याय करने वाले को मिले न्याय’
अमन के पिता और परिजनों ने इस मामले को एक गंभीर अपराध बताया है। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर न्याय प्रणाली का हिस्सा रहे एक जज को इस तरह की परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, तो यह समाज के लिए एक चिंताजनक विषय है। परिवार ने अमन की पत्नी और साली की भूमिका की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई सुसाइड नोट या अन्य सबूत हैं जो इन आरोपों की पुष्टि कर सकें। जज अमन शर्मा की मौत ने न्यायिक जगत और उनके करीबियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।