आंधी, तूफान और ओलावृष्टि से किसानों की टूटी कमर, जोधपुर में 2000 हेक्टेयर में प्याज की फसल बर्बाद

जोधपुर। जिले में पिछले चार-पांच दिनों से लगातार चल रही आंधी, तूफान और ओलावृष्टि ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। चामू, सेखाला, तिंवरी, ओसियां, बावड़ी, बिलाड़ा और भोपालगढ़ तहसील सहित पूरे जिले में जायद की मुख्य फसल प्याज बुरी तरह प्रभावित हुई है। करीब 1.5 से 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खड़ी और कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

पिछले माह हुए नुकसान का भी सर्वे नहीं

किसानों का कहना है कि पिछले माह हुई बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का अब तक बीमा कंपनियों ने सर्वे नहीं किया है। इस संबंध में किसान संगठनों ने कई बार प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

किसानों की चिंता बढ़ी

लगातार प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। ऐसे में समय पर राहत नहीं मिलने पर आगामी सीजन में खेती करना मुश्किल हो सकता है। किसानों का कहना है कि वर्तमान हालात में प्याज की लागत निकालना भी कठिन हो गया है। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उचित मुआवजा, पारदर्शी सर्वे और जिम्मेदार अधिकारियों तथा बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

किसानों की मांगें

प्याज की फसल को अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों की श्रेणी में शामिल कर उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रभावित क्षेत्रों में विशेष गिरदावरी करवाई जाए।

फसल नुकसान का पारदर्शी सर्वे करवाया जाए।

सर्वे में लापरवाही बरतने वाली बीमा कंपनियों और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।

नुकसान का आकलन करवाकर यथासंभव राहत दिलाने का प्रयास कराया जाएगा।

रूपेश लावा, उप निदेशक, हॉर्टिकल्चर

आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से जिले में प्याज की फसल को भारी नुकसान हुआ है। प्याज की फसल को अतिवृष्टि से प्रभावित घोषित कर किसानों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए।

मेघाराम तरड़, जिला मंत्री, भारतीय किसान संघ

वहीं दूसरी तरफ बेलवा क्षेत्र में आए तेज अंधड़ से व्यापक नुकसान हुआ है। आंधी के चलते खेतों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं कई घरों के टिन-छप्पर भी उड़ गए। बेलवा, रावलगढ़ और बेलवा राणाजी गांवों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। वहीं क्षेत्र के राजाबंद में नींबू की नर्सरी में फलों के झड़ने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसान भंवर सिंह ने बताया कि तेज अंधड़ से कई महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।