Mukhyamantri Viksit Gram Abhiyan : राजस्थान में हर पंचायत का तैयार हो रहा मास्टर प्लान, अब गांव का होगा विकास, जानें कैसे?

Mukhyamantri Viksit Gram Abhiyan : बांसवाड़ा. गांवों के भविष्य की तस्वीर अब जनता खुद तय करेगी। मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के तहत हर पंचायत का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें आमजन को आकांक्षाओं को केंद्र में रखा गया है। इसी विकास खाके पर आने वाले वर्षों में पंचायतों में जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जाएगा। सरकार ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ग्राम विकास अधिकारियों को इसके लिए विशेष फॉर्मेट भेजा गया है और वे ग्राम सभाओं में जाकर प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक गांवों की तस्वीर बदलना है।

इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, पंचायती राज, चिकित्सा सुविधा, राजस्व, कृषि, पशुपालन, जल संसाधन और महिला-बाल विकास विभाग से जुड़ी बुनियादी जरूरतों को चिन्हित कर उन्हें पूरा करने की योजना बनाई जा रही है। ग्राम सभाओं में पंचायतों की ओर से 198 बिंदुओं पर ग्रामीणों से अपेक्षाएं मांगी जा रही हैं।

इनमें राजस्व विभाग से संबंधित राजस्व ग्राम का गठन और पटवार भवन निर्माण, कृषि विभाग में सिंचाई पाइपलाइन, फार्म पौण्ड, खेतों पर तारबंदी, मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का विस्तार जैसी आकांक्षाएं शामिल हैं। पशुपालन विभाग में नए पशु चिकित्सालय, उप केंद्र, भवन निर्माण व मरम्मत, सहकारी विभाग में नए पैक्स, लैम्प्स, ग्राम सेवा समितियां, कस्टम हायरिंग केंद्र और गोदाम निर्माण जैसी जरूरतें दर्ज की जा रही है। जल संसाधन विभाग की लघु सिंचाई परियोजनाएं और स्वास्थ्य विभाग में नए उप स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भवन निर्माण व उपकरणों की व्यवस्था भी प्रमुख बिंदुओं में हैं।

ग्राम सभाओं में अधिकारी ले रहे सुझाव

पंचायतों की अपेक्षाओं को लेकर सरकार भविष्य का मास्टर प्लान तैयार कर रही हैं। इसमें 198 बिन्दुओं पर ग्रामीणों से अपेक्षाएं पूछी गई हैं। विभागीय अधिकारी ग्राम सभाओं में इन अपेक्षाओं पर सुझाव ले रहे हैं, जो बाद में पोर्टल पर अपडेट किए जाएंगे।
गोपाल लाल स्वर्णकार, सीईओ, जिला परिषद बांसवाड़ा

पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे सुझाव

सभी सुझाव मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान के पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। अपलोड के बाद राज्य सरकार के अधिकारी इनकी समीक्षा करेंगे। यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन की आवश्यकता होगी तो उसे पुनः पंचायतों को भेजा जाएगा और अपडेट कर वापस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।