जयपुर में महंगाई का झटका: समोसा-कचोरी 5 और मिठाई 20 रुपए प्रति किलो महंगी, सिलेंडर के दाम बढ़ते ही खाने का बजट बिगड़ा

जयपुर: राजधानी में रसोई की आग अब आम आदमी की जेब झुलसाने लगी है। गैस कंपनियों की ओर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपए की बढ़ोतरी ने शहर के जायके और छात्र जीवन का गणित बिगाड़ दिया है।

जयपुर के होटल, रेस्टोरेंट, हलवाई और पीजी (पेइंग गेस्ट) संचालकों ने इस बढ़े हुए खर्च का बोझ ग्राहकों पर डालना शुरू कर दिया है। शहर के बजाज नगर, परकोटा और टोंक रोड स्थित मिठाई विक्रेताओं ने नई दरें लागू कर दी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3 हजार रुपए के पार पहुंचने से हलवाइयों ने कचोरी-समोसे के दाम 5 रुपए प्रति नग बढ़ा दिए हैं। वहीं, विभिन्न मिठाइयों पर 20 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। दुकानदारों का कहना है कि फ्रिज के बिजली बिल और गैस की मार के बीच कीमतें बढ़ाए बिना गुजारा मुमकिन नहीं है।

इस तरह महंगा होता गया सिलेंडर

1 दिसंबर 2025- 1608 रुपए

1 जनवरी 2026- 1719 रुपए

1 फरवरी 2026- 1769 रुपए

1 मार्च 2026- 1796 रुपए

7 मार्च 2026- 1911 रुपए

1 अप्रैल 2026- 2106 रुपए

1 मई 2026- 3099 रुपए

स्टूडेंट्स पर दोहरी मार

महंगाई का बड़ा असर गोपालपुरा और त्रिवेणी नगर जैसे स्टूडेंट हब में दिख रहा है। यहां के कई पीजी संचालकों ने खर्च कम करने के लिए छात्रों की डाइट में कटौती शुरू कर दी है।

पीजी में अब छात्रों को 7 की जगह सिर्फ 5 रोटियां दी जा रही हैं।

चाय पर पाबंदीः सुबह और शाम की चाय कई जगह बंद कर दी गई है।

मेस में ही खाना अनिवार्य कर दिया गया है।

टिफिन पैकिंग की सुविधा बंद कर दी गई है।

ढाबों पर 70 की थाली अब 100 रुपए की

रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास स्थित छोटे होटलों और ढाबों में फुल डाइट थाली के दाम 70 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए कर दिए गए हैं। मेन्यू कार्ड में तवा चपाती और सब्जियों की दरों में भी भारी उछाल आया है।

बिना कीमत बढ़ाए खर्च निकालना मुश्किल होगा। कचोरी, समोसे पर 5 रुपए बढाए हैं। प्रतिकिलो मिठाई पर भी 20 रुपए बढ़ा दिए हैं।
-हरिनारायण, गोपी स्वीट्स दुर्गापुरा

कमर्शियल सिलेंडर 3 हजार रुपए के पार है। कचोरी-समोसे पर 5 रुपए बढ़ा दिए हैं, मिठाई पर 20 रुपए बढ़ाने की मजबूरी है।
-मनीष शर्मा, मिठाई विक्रेता, बजाज नगर

खाना कम कर दिया गया है और अब संचालक फीस बढ़ाने की बात कह रहे हैं। ऐसे में जयपुर में रहकर पढ़ाई करना अब हमारे बस से बाहर होता जा रहा है।
-आकाश, पीजी छात्र, त्रिवेणी नगर

लागत बहुत बढ़ गई है। या तो महीने की डाइट फीस में 500-700 रुपए बढ़ाएंगे या फिर खाने के आइटम कम करने होंगे।
-हंसराज, पीजी संचालक, टोंक फाटक