Teacher Recruitment In PM Shri School: राजस्थान के पीएमश्री विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती का मार्ग प्रशस्त हो गया है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए योग्य शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन प्रक्रिया शाला दर्पण पोर्टल पर शुरू हो चुकी है, जो 30 अप्रेल की मध्यरात्रि तक जारी रहेगी।
शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार पीएमश्री स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चयन प्रक्रिया में सख्त शर्तें लागू की गई है। आवेदनकर्ता के कक्षा 10, 12, स्नातक, स्नातकोत्तर तथा बीएड/बीएसटीसी/डीएलएड सहित सभी शैक्षणिक स्तरों पर न्यूनतम 60 प्रतिशत या उससे अधिक अंक होना अनिवार्य किया गया है।
प्राचार्य, प्राध्यापक एवं वरिष्ठ अध्यापक पदों के लिए शर्त रखी गई है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पिछले 5 वर्षों का बोर्ड कक्षाओं का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत होना चाहिए। वहीं अध्यापक लेवल-1 और लेवल-2 के लिए यह आवश्यक किया गया है कि पिछले 5 वर्षों में विद्यार्थियों का परिणाम ‘ए’ एवं ‘बी’ ग्रेड में रहा हो।
14 संवर्गों में होगी नियुक्तियां
पीएमश्री विद्यालयों में कुल 14 अलग-अलग संवर्गों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिनमें प्राध्यापक के 1788 पद, वरिष्ठ अध्यापक के 1053 पद, उप प्राचार्य के 267 पद, अध्यापक लेवल-2 के 255 पद, अध्यापक लेवल-1 के 243 पद, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक के 155 पद तथा प्राचार्य के 99 पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त शारीरिक शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं प्रयोगशाला सहायक के पदों पर भी नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।
5 वर्ष का अनुभव अनिवार्य
चयन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं गुणवत्ता आधारित बनाने के लिए अधिकांश पदों पर संबंधित विषय में कम से कम 5 वर्ष का अनुभव अनिवार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन कार्मिकों के विरुद्ध विभागीय जांच लंबित है या जो पहले से अन्य विशेष विद्यालयों अथवा योजनाओं में कार्यरत हैं, वे इस भर्ती प्रक्रिया के पात्र नहीं होंगे।
इसके अलावा अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल, बालिका सैनिक स्कूल एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पहले से चयनित शिक्षक तथा अन्य विभागों या परियोजनाओं में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत शिक्षक भी इस प्रक्रिया में आवेदन नहीं कर सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार इस पहल से पीएमश्री विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि यहां केवल उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाएगी।