Jaipur Registry Office Shifting: जयपुर में चारदीवारी के गणगौरी बाजार से उप-पंजीयन कार्यालय षष्टम को हटाकर शहर से दूर आगरा रोड, जामडोली के निजी भवन में शिफ्ट करने के आदेश के बाद विवाद गहरा गया है। कार्यालय की शिफ्टिंग की भनक लगते ही बुधवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता, आमजन और दस्तावेज लेखक मौके पर एकजुट हो गए और इस निर्णय का विरोध किया।
एक दिन पहले लोगों ने कार्यालय की शिफ्टिंग रोक दी थी, लेकिन विरोध से बचने के लिए बुधवार को आनन-फानन में कार्यालय को शिफ्ट कर दिया गया। खबर लगते ही फिर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और कार्यालय में घुसकर प्रदर्शन किया। विरोधियों का तर्क है कि अब यहां के लोगों को 15 किलोमीटर दूर पंजीयन कार्यालय जाना होगा।
जामडोली की बजाय बनीपार्क ही जाएंगे
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि चौगान स्टेडियम के नगर निगम जोन में उप-पंजीयन कार्यालय संचालित होने से चारदीवारी और आस-पास के व्यापारी वर्ग को बड़ी सहूलियत थी। लेकिन अब इसे 15 किमी दूर जामडोली के निजी भवन में शिफ्ट कर दिया गया है, जिसका किराया 60 हजार रुपए प्रतिमाह है। ऐसे में व्यापारी वहां जाने से कतराएंगे और बनीपार्क की ओर रुख करेंगे।
20 साल से चल रहा कार्यालय, रोजाना 100 से अधिक रजिस्ट्री
बार अध्यक्ष संदीप शर्मा और महासचिव मनोज वर्मा ने बताया कि करीब दो दशकों से चौगान स्टेडियम के पास संचालित यह कार्यालय चारदीवारी क्षेत्र का प्रमुख रजिस्ट्री केंद्र रहा है, जहां रोजाना 100 से अधिक दस्तावेजों का पंजीयन होता है। सरकारी संपत्तियां उपलब्ध होने के बावजूद कार्यालय को निजी भवन में शिफ्ट करना कई सवाल खड़े कर रहा है।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि करीब 72 हजार रुपए प्रतिमाह किराए पर निजी संपत्ति लेने की तैयारी है, जिससे एक खास व्यक्ति को फायदा पहुंचाने की आशंका है। आरोप है कि जिस भवन में कार्यालय प्रस्तावित है, उसका मालिक खुद रजिस्ट्री से जुड़े काम करता है। लोगों ने उप-महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रा विभाग और स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इस संबंध में पूर्व सांसद महेश जोशी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
जेडीए से भी शिफ्टिंग जल्द
जानकारी के अनुसार जेडीए में स्थित रजिस्ट्री दफ्तर को भी टोंक रोड नेहरू प्लेस में शिफ्टिंग की कार्य योजना है। ऐसे में जेडीए में जमीन संबंधी दस्तावेजों के साथ रजिस्ट्री के लिए जेडीए से 4 किमी दूर जाना पड़ेगा। हालांकि रजिस्ट्री दफ्तर शिफ्ट करने का विरोध भी अभी से शुरू हो गया है।
स्थानीय लोगों की राय
हम लोग पिछले 15-20 साल से यहीं पास में रजिस्ट्री का काम करवाते आए हैं। दुकान छोड़कर दूर जामडोली जाना हमारे लिए संभव नहीं है। एक दिन का काम करने में पूरा दिन खराब होगा और खर्च भी बढ़ेगा। सरकार को आम आदमी की सुविधा देखनी चाहिए, न कि दफ्तर को इतनी दूर शिफ्ट करना चाहिए।
विनोद लखन, स्थानीय
बुजुर्ग और महिलाएं पहले आसानी से यहां आकर काम कर लेती थीं। अब 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा, जो बहुत मुश्किल है। ऐसा लग रहा है कि जानबूझकर लोगों को परेशान किया जा रहा है। अगर शिफ्ट करना ही था तो चारदीवारी में ही कोई दूसरी जगह दी जाती।
विकास शर्मा, स्थानीय
अफसर ये बोले…
कार्यालय जिस भवन में संचालित था, वहां बैठने की पर्याप्त जगह नहीं थी। पार्किंग नहीं थी। जिस जगह पर कार्यालय शिफ्ट किया है, वह इसी जोन का क्षेत्र है। विरोध कर रहे लोगों को हमने कहा है कि आस-पास सरकारी भवन उपलब्ध नहीं है।
सुभाष महरिया, उपमहानिरीक्षक पंजीयन एवं कलक्टर मुद्रांक वृत्त द्वितीय