Child Marriage In Jaipur: जयपुर जिले के जमवारामगढ़ क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां 5 साल की बच्ची और 9 साल के लड़के का बाल विवाह होने वाला था।
इसके साथ ही दूसरी बच्ची की उम्र 9 साल और लड़के की उम्र 11 साल बताई गई है । यह विवाह जल्दबाजी में करवाया जा रहा था, क्योंकि चारों परिवारों को पुलिस की कार्रवाई का डर था । जैसे ही सूचना मिली पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर टीम मौके पर पहुंची और विवाह को रुकवा दिया ।
दोनों पक्षों को दी चेतावनी
मामला उस समय सामने आया जब परिवारों ने बिना समय गवाएं विवाह की तैयारियां शुरू कर दी थीं । विवाह को जल्द कराने के प्रयास में था ताकि पुलिस के आने से पहले यह सम्पन्न हो सके । हालांकि पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को चेतावनी दी और बाल विवाह के खिलाफ सख्त कदम उठाए ।
पुलिस और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने इस मामले में सभी चारों पक्षों को चेतावनी दी और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने के लिए पाबंद किया । बाल विवाह के इस गंभीर प्रयास को रुकवाने के बाद दोनों नाबालिग बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हवाले कर दिया गया ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके ।
16 वर्षीय किशोरी ने भी रुकवाया था बाल विवाह
वहीं दूसरे मामले में राजस्थान के एक थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी ने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए खुद ही अपना बाल विवाह रुकवाया । 1 मई को तय विवाह के खिलाफ उसने प्रशासन से न्याय की मांग की । किशोरी ने बाल कल्याण समिति से संपर्क कर अपनी शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस और चाइल्ड लाइन टीम ने कार्रवाई की ।
किशोरी की इच्छा के अनुसार उसे शेल्टर होम में सुरक्षित रखा गया ताकि उसकी शिक्षा जारी रहे । यह घटना जिले में बाल विवाह के खिलाफ उठाई गई चौथी आवाज है । प्रशासन ने दो अन्य बाल विवाह रुकवाकर नाबालिगों को शेल्टर होम भेजा ।