राजस्थान में फर्जी आधार सेंटर: IT कर्मचारियों ने 90 रुपए कमीशन लेकर बनाया पाकिस्तानी आतंकी का डॉक्यूमेंट?

Fraud Aadhaar Racket Busted: फर्जी बायोमेट्रिक के जरिए आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह से आईटी विभाग के कर्मचारी 90 रुपए कमीशन लेते थे। एक आधार कार्ड अप्रूव्ड करने के एवज में यह पैसे मिलते थे जो आरोपी आपस में बांट लेते थे।

भादरा कस्बे में फर्जी आधार सेंटर संचालन के मामले की जांच में यह तथ्य सामने आए हैं। खास बात यह कि राजस्थान पुलिस को जम्मू-कश्मीर पुलिस से इनपुट मिलने के बाद की गई पड़ताल में भादरा के फर्जी आधार सेंटर का खुलासा हुआ।

जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए एडीजी दिनेश एमएन ने मंगलवार को पत्रकारों को बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस से इनपुट मिला था कि पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी ने जयपुर में आधार कार्ड बनवाया था। इसकी पड़ताल के दौरान ही पता लगा कि भादरा में फर्जी आधार सेंटर चल रहा है।

इसके बाद और गहन पड़ताल कर इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया गया। पुलिस प्रकरण की परत दर परत खोलने में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों की माने तो अभी केवल सात जनों को ही गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकरण की चेन बहुत लम्बी है। ऐसे में कई लोग पुलिस के रडार पर हैं।

वहीं आईटी विभाग ने भादरा ब्लॉक में कार्यरत दो स्थाई कर्मचारी तथा एक संविदाकर्मी की गिरफ्तारी के बाद विभागीय कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों स्थाई कर्मचारियों के निलम्बन को लेकर मुख्यालय को तथ्यात्मक रिपोर्ट भिजवाई गई है।

हालांकि निलम्बन आदि की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से ही होगी। खास बात यह कि गिरफ्तार किए गए सहायक प्रोग्रामर की कुछ समय पहले ही नौकरी लगी थी।

गौरतलब है कि कस्बा भादरा में फर्जी बायोमेट्रिक के जरिए आधार कार्ड बनाने के मामले में पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग भादरा ब्लॉक में कार्यरत प्रोग्रामर दिनेश कुमार, सहायक प्रोग्रामर रामनिवास सोनी और संविदाकर्मी आर-स्वान इंजीनियर रवि शीला को सोमवार को गिरफ्तार किया था। तीनों दो मई तक पुलिस रिमांड पर हैं।

इस मामले में पुलिस अब तक सात जनों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले सेंटर संचालक कुलदीप शर्मा, जसवंत सिंह, बलराम और अमीर खान को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है।

क्या था मामला

एटीएस जयपुर और एजीटीएफ हनुमानगढ़ के निर्देश पर भादरा पुलिस ने 17 अप्रेल को कार्रवाई करते हुए एक अवैध आधार सेंटर पर छापा मारा था। इस दौरान मुख्य आरोपी कुलदीप शर्मा को लैपटॉप, प्रिंटर, आइरिस डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट मशीन, कैमरा व मोबाइल फोन सहित गिरफ्तार किया था।

जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाकर उनका उपयोग फर्जी सिम जारी करने, साइबर अपराध और फर्जी बैंक खाते खोलने जैसे मामलों में कर सकता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की तथा गिरोह का भंडाफोड़ किया।

दुरुपयोग व नेटवर्क की पड़ताल

जांच अधिकारी भिरानी थाना प्रभारी लखवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अब तक कितने फर्जी आधार कार्ड बनाए, इसकी जानकारी यूआईडीएआई और डीओआईटी से समन्वय कर जुटाई जा रही है। साथ ही गिरोह के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों ने ढाई हजार के करीब आधार अप्रूव्ड किए थे। उसमें से कितने फर्जी थे, उनका कहां दुरुपयोग हुआ, इसकी जांच अभी की जा रही है।

यह देशद्रोह, पकड़ेंगे अपराधियों को

भादरा के फर्जी आधार सेंटर संचालन का खुलासा जम्मू कश्मीर पुलिस से मिले इनपुट के बाद की गई पड़ताल में हुआ था। आतंकी शहजाद भट्टी ने जयपुर में आधार कार्ड बनवाया था। भादरा में जो आधार कार्ड बनवाए गए हैं, उनमें फर्जी कार्ड तथा बनवाने बदमाश, अपराधियों की जांच कर रहे हैं। कई और सूचनाएं भी आधार सेंटर को लेकर आ रही हैं। यह बहुत गंभीर अपराध है बल्कि देशद्रोह है। इसकी तह तक जाकर अपराधियों को पकडऩे का प्रयास कर रहे हैं। – दिनेश एमएन, एडीजी।