यदि आप सड़क दुर्घटना में घायल किसी व्यक्ति की मदद करते हैं और उसे समय पर अस्पताल पहुँचाते हैं, तो सरकार आपको ₹25,000 का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेगी। अक्सर लोग पुलिसिया कार्रवाई और कोर्ट-कचहरी के डर से घायलों की मदद करने से कतराते थे, लेकिन अब सरकार ने इन सभी बाधाओं को जड़ से खत्म कर दिया है।
क्या है राह-वीर योजना
राह-वीर योजना (Raah-Veer Scheme) के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ (पहले 1 घंटे) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर जान बचाने वाले मददगार को भारत सरकार ₹25,000 का नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देती है। यह योजना नेक नागरिकों को कानूनी और पुलिसिया डर से मुक्त कर मदद के लिए प्रोत्साहित करती है।
क्या है ‘गोल्डन ऑवर’ का महत्व?
चिकित्सा विज्ञान में सड़क हादसे के बाद के पहले 60 मिनट को ‘गोल्डन ऑवर’ (Golden Hour) कहा जाता है।
जीवन बचाने की संभावना: यदि इस एक घंटे के भीतर घायल को सही इलाज मिल जाए, तो जान बचने की संभावना 80% तक बढ़ जाती है।
आपकी भूमिका: आपको बस घायल को नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल पहुँचाना है या तुरंत 108, 1033 या 112 पर सूचना देनी है।
मिलेंगे पूरे ₹25,000
राह-वीर योजना (Raah-Veer Scheme) के तहत सहायता राशि ₹25,000 है।
नकद प्रोत्साहन: जान बचाने वाले व्यक्ति (राह वीर) के बैंक खाते में सीधे इनाम राशि भेजी जाएगी।
सम्मान: जिला स्तर पर प्रशस्ति पत्र देकर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाएगा।
झंझट खत्म: माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, मदद करने वाले व्यक्ति से पुलिस या अस्पताल प्रशासन जबरन पूछताछ नहीं करेगा। उसे गवाह बनने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
राजस्थान में मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना
राजस्थान में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला घंटा) में नजदीकी सरकारी या निजी अस्पताल पहुँचाने वाले ‘भले व्यक्ति’ को ₹10,000 की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करती है। यह योजना सड़क मौतों को कम करने के लिए शुरू की गई है।
पहचान गुप्त: यदि आप चाहें, तो अपनी पहचान गुप्त रख सकते हैं।
अस्पताल की जिम्मेदारी: कोई भी निजी अस्पताल घायल के इलाज के लिए आपसे पैसे नहीं मांग सकता और न ही पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर सकता है।
कैसे मिलेगा इनाम? जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस
अस्पताल में विवरण: जब आप घायल को अस्पताल ले जाते हैं, तो वहां के डॉक्टर आपकी जानकारी (नाम, मोबाइल नंबर) नोट करेंगे।
सत्यापन: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के माध्यम से घटना का सत्यापन किया जाएगा।
भुगतान: विवरण सही पाए जाने पर निर्धारित राशि आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
क्या ‘डबल फायदा’ मिलेगा?
लाभार्थी को केवल एक ही योजना का पुरस्कार मिल सकता है, दोनों का नहीं।
एक ही घटना, एक ही पुरस्कार
नियम के अनुसार, किसी भी एक सड़क दुर्घटना के लिए “One Incident, One Reward” का सिद्धांत लागू होता है। चूंकि दोनों योजनाओं का उद्देश्य एक ही है—’घायल की जान बचाना’, इसलिए एक ही नेक काम के लिए दो अलग-अलग सरकारी कोषों (केंद्र और राज्य) से राशि नहीं ली जा सकती।
राजस्थान में क्या स्थिति है?
राजस्थान में ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान जीवन रक्षा योजना’ को केंद्र की ‘गुड सेमेरिटन’ (Good Samaritan) योजना के साथ इंटीग्रेट (एकीकृत) कर दिया गया है। वर्तमान में राजस्थान सरकार ने अपनी योजना के तहत राशि को बढ़ा दिया है ताकि वह केंद्र की योजना के समकक्ष या उससे बेहतर रहे।
जब आप राजस्थान में किसी घायल की मदद करते हैं, तो राज्य का चिकित्सा विभाग (CMHO कार्यालय) ही आपके आवेदन को प्रोसेस करता है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आपको राज्य की योजना के तहत लाभ मिले।
चयन कैसे होता है?
अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन यह तय करता है कि किस फंड से भुगतान किया जाएगा।
नियम: यदि राज्य की योजना में राशि अधिक है, तो प्रशासन हमेशा राज्य की योजना को प्राथमिकता देता है ताकि मददगार को अधिकतम लाभ मिल सके।