Rajasthan Tourism: राजस्थान के 3 संभागों को नए पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी, जानिए कैसे बदलेगा सफर

कोटा। राजस्थान की पर्यटन दुनिया अब किलों और महलों से आगे निकलकर एक ऐसे आधुनिक ‘कॉरिडोर’ में तब्दील होने जा रही है, जहां एक ही ट्रिप में पर्यटक रणथंभौर की दहाड़, चंबल की लहरें और झीलों की नगरी उदयपुर का दीदार कर सकेंगे। राज्य सरकार भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग को जोड़कर एक ऐसा पर्यटन गलियारा तैयार कर रही है, जो न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक आस्था को जोड़ेगा, बल्कि हाड़ौती प्राकृतिक छटा को भी दुनिया के सामने लाएगा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट इस विजन को हकीकत में बदलने की धुरी बनेंगे।

कोटा, भरतपुर और उदयपुर संभाग को जोड़ते हुए एक नए पर्यटन गलियारे के लिए मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर की बैठकें हो चुकी हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सीएम भजनलाल शर्मा के बीच भी इस मुद्दे को लेकर बैठक हो चुकी है। पर्यटन गलियारे का रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इससे सवाईमाधोपुर, चित्तौड़गढ़ भी जुड़ेंगे।

ऐसे जुड़ेंगे तीनों संभाग

भारतमाला परियोजना में दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से कोटा जुड़ गया है। कृष्णगमन पथ में भरतपुर से कोटा सीधा रोड कनेक्टिविटी से जोड़ा जाना प्रस्तावित है। इसके लिए दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेव वे पर लबान इंटर एक्सचेंज से कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट फोनलेन रोड से जोड़ा जाएगा। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। यह रूट चालू होने पर पर्यटक सवाईमाधोपुर के रणथंभौर टाइगर रिजर्व को देखकर सड़क मार्ग से आसानी से कोटा पहुंच जाएंगे। यहां दो-तीन दिन ट्यूर प्लान के तहत हाड़ौती में घूम सकेंगे। इसके बाद वाया चित्तौड़गढ़ होते हुए उदयपुर आ-जा सकेंगे।

पर्यटन स्थल, कहां-क्या खास

कोटा संभाग : कोटा में चंबल रिवर फ्रंट, गढ़ पैलेस और मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व। झालावाड़ में जल दुर्ग, गागरोन का किला, सूर्य मंदिर, कोल्वी की गुफा, जैन तीर्थ चांदखेड़ी। बारां में भंडदेवरा मंदिर, शेरगढ़ किला, सुरम्य सीताबाड़ी, और काकूनी मंदिर। बूंदी का तारागढ़ किला, गढ़ पैलेस, 84 खंभों की छतरी, रानीजी की बावड़ी और सुख महल।

भरतपुर संभाग : भरतपुर का केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान असाधारण जैव विविधता और प्रवासी पक्षियों के लिए विश्व प्रसिद्ध है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व, रणथंभौर किला। केलादेवी माता का मंदिर है।

उदयपुर संभाग : सिटी पैलेस, पिछोला झील, फतहसागर जैसे कई पर्यटन स्थल हैं। इसके अलावा सज्जनगढ़ फाेर्ट (मानसून पैलेस) और सहेलियों की बाड़ी भी। संभाग में श्रीनाथजी नाथद्वारा, द्वारकाधीश मंदिर राजसमंद, चारभुजाजी और सांवरिया सेठ मंडपिया जैसे कई धार्मिक पर्यटन स्थलों पर हर साल लाखों लोग आते हैं।

ऐसे बढ़ रहा पर्यटकों का ग्राफ

कोटा

वर्ष- देशी – विदेशी पर्यटक
2023-947769-769
2024-952079-1107
2025-3423560-2535

उदयपुर

देशी पर्यटक – 19,96,700
विदेशी पर्यटक – 1,61,087

भरतपुर

संग्रहालय में पर्यटक: 130515
केवलादेव राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में पर्यटक : 81232

सवाईमाधोपुर

देशी पर्यटक : 5 लाख से अधिक
विदेशी पर्यटक : 2 लाख से अधिक
(आंकड़े जनवरी से दिसम्बर 2025 तक)

इनका कहना है

यह कॉरिडोर ‘वन स्टेट, मल्टीपल एक्सपीरियंस’ की अवधारणा को मजबूत करेगा। प्रदेश व कोटा-बूंदी को पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग को जोड़ने के लिए पर्यटन गलियारा बनाया जा रहा है।
-ओम बिरला, लोकसभा अध्यक्ष

कोटा, उदयपुर और भरतपुर संभाग को जोड़कर पर्यटन गलियारा बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। यह प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
-अनिल अग्रवाल संभागीय आयुक्त, कोटा