Rajasthan Mining: माइंस विभाग को 14001 करोड़ का लक्ष्य, बंद पड़ी खानों में फिर शुरू होगा खनन

Mining Department Rajasthan: जयपुर. राजस्थान के खनन क्षेत्र को नई गति देने के लिए राज्य सरकार ने ठोस रणनीति तैयार करनी शुरू कर दी है। माइंस विभाग ने वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व संग्रहण बढ़ाने के साथ ही खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए टाइमलाइन आधारित रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

खनिज भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (माइंस एवं पेट्रोलियम) अपर्णा अरोरा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मेजर और माइनर मिनरल ब्लॉकों की पहचान, डेलिनियेशन, प्लॉट तैयार करने और ऑक्शन तक की पूरी प्रक्रिया का एक स्पष्ट कैलेंडर बनाया जाए। इससे न केवल कार्य में पारदर्शिता आएगी, बल्कि समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होगा।

उन्होंने वैध खनन को बढ़ावा देने और अवैध खनन पर सख्ती से रोक लगाने पर जोर देते हुए कहा कि खनन क्षेत्रों का वैज्ञानिक तरीके से सीमांकन (डेलिनियेशन) किया जाए। साथ ही प्री-एंबेडेड प्लॉट और ब्लॉक तैयार कर उन्हें जल्द से जल्द नीलामी के लिए प्रस्तुत किया जाए, ताकि खनन कार्य शीघ्र शुरू हो सके।

बैठक में बंद पड़ी खानों को दोबारा चालू करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अपर्णा अरोरा ने कहा कि इन खानों में खनन कार्य पुनः शुरू होने से राज्य में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए माइंस विभाग को 14001 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 39 प्रतिशत अधिक है। उल्लेखनीय है कि हाल ही समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में विभाग ने 13 प्रतिशत वृद्धि के साथ 10394 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह किया था।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे संभावित राजस्व स्रोतों की पहचान कर मासिक आधार पर संग्रहण का रोडमैप तैयार करें और राजस्व में होने वाली किसी भी प्रकार की छीजत को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।

बैठक में विशिष्ट सचिव नम्रता वृष्णि, निदेशक माइंस महावीर प्रसाद मीणा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना जारी कर उसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

सरकार के इन प्रयासों से स्पष्ट है कि राजस्थान खनन क्षेत्र को मजबूत कर आर्थिक विकास और निवेश को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है।