चूरू. आमतौर पर मरुस्थलीय जिले की आबोहवा में ग्रीष्म से पहले मौसम में बदलाव तो हुआ करता है लेकिन प्रकृति आपदा जैसी स्थिति कभी कभार ही हुई, इसी कभी कभार में इस बार वैशाख में प्रकृति को कुपित होते देखा जा रहा है। जिसके क्रम में वैशाख कृष्ण पक्ष षष्ठी की पूर्व रात चूरू में चली तुफानी हवाओं के बीच बेर के आकार के ओले गिरे। एकबारगी तो तुफानी च्रकवात जैसी हवा, बारिश ओलावृष्टि से मरुधरा सहम सी गई, लेकिन थोड़ी देर में आक्रामक हुई हवा नरम पड़ी, ओलावृष्टि थम गई जिससे नींद से जगे लोगों को राहत मिली। कुछ ही मिनटों प्रकृति के दिखे रौद्ररूप को शांत करने के लिए जो लोग जग रहे थे उनके हाथ प्रार्थना के लिए जुड़ गए। बुधवार को तड़के बूंदाबांदी हुई और मौसम यलो अलर्ट पर रहा। मौसम विभाग ने न्यूनतम 15.7 तथा अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।
चूरू से दक्षिणी-पश्चिमी से उतर पश्चिमी तक बारिश
चूरू से दक्षिणी पूर्वी पट्टी सीकर झुंझुनूं पट्टी बारिश से भीगी, पश्चिमी-दक्षिणी पट्टी नागौर और पश्चिमी, उत्तर पट्टी में हनुमानगढ़ जिले के कई भागों में बारिश हुई। गत तीन दिनों से ये क्षेत्र यलो अलर्ट (Yellow Alert) तो कभी आरेंज अलर्ट (Orange Alert) पर रहे। चूरू जिले में बुधवार सुबह 8.30 बजे तक कहीं कहीं हल्की तो कहीं कहीं मध्यम बारिश हुई। बीती रात को आंधी, मेघगर्जन के साथ बारिश हुई तो कहीं कहीं ओले गिरे। जिले में सर्वाधिक बारिश सिधमुख में दर्ज की गई।
चूरू सहित तहसील क्षेत्रों में बारिश
चूरू में ओले गिरने के साथ ही बारिश हुई और बुधवार सुबह 8.30 बजे तक यहां 2.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सिधमुख में 12 मीमी. बारिश हुई। तारानगर और बीदासर में 7-7 मिमी. बारिश हुई। राजलदेसर में 6 मिमी. रतनगढ़ में 3 मिमी. सुजानगढ़ में 2 मिमी तथा सरदाशहर में 1 मिमी. बारिश हुई।
दिनभर छाए रहे बादल
मौसम केन्द्र के अनुसार 8 अप्रैल को दोपहर बाद पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राज्य के अधिकांश भागों में कम होने की संभावना बनी। 9 अप्रैल को राज्य में आगामी 4-5 दिन मौसम मुख्यत: शुष्क रहने की प्रबल संभावना है।
शहर के समस्या ग्रस्त क्षेत्रों के रुके मार्ग
हालांकि बारिश कोई ज्यादा नहीं हुई और ओले भी थोड़ी देर गिरे लेकिन जरा सी बारिश ने शहर के गंदे पानी की निकासी की समस्या वाले क्षेत्रों से गुजरने वाले मार्गों की राह रोक दी। आमजन भी थोड़ा सा पानी बरसने में कई क्षेत्रों में पानी निकासी की समस्या के समाधान नहीं होने से आजीज आ चुका है। बाबोसा मंदिर मार्ग, इसी मार्ग से जुड़ा गोयनका कोठी कॉर्नर स्टेशन मार्ग, बालिका कॉलेज के पीछे का मार्ग और भरतिया अस्पताल सहित कई मार्ग जरा सी बारिश से अवरुद्ध हो जाते हैं जिससे खासतौर पर पैदल चलने वाले लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
तेज बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान
सांखूफोर्ट. गत दो-तीन दिनों से बदलते मौसम का असर क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। बुधवार को सुबह करीब तीन बजे तेज गर्जना और कड़कड़ाती बिजली के साथ बारिश हुई, जो सुबह छह बजे तक कभी हल्की और कभी तेज होती रही। बारिश से कई मार्गों पर बरसाती पानी जमा हो गया, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी हुई। ठंडी हवा के कारण लोग हल्के गर्म कपड़ों में दिखाई दिए। बदलते मौसम का असर पशु-पक्षी और आम जनजीवन पर भी पड़ा। किसानों ने बताया कि चल रही गेहूं की कटाई में बारिश से फसल को नुकसान हुआ। लंबे समय की मेहनत के बाद तैयार फसल बारिश के चपेट में आने से किसान चिंतित नजर आए। सुबह 10 बजे के बाद मौसम साफ हुआ और धूप निकलने से किसानों को राहत मिली।