Hailstorm Warning: जयपुर। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजस्थान के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, 4 अप्रैल को राज्य के अधिकांश जिलों में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय प्रभाव के कारण राज्य में मौसम पूरी तरह बदल गया है और अगले कुछ दिनों तक बारिश, तेज हवाएं तथा ओले गिरने की आशंका बनी हुई है।
मौसम केंद्र, जयपुर द्वारा जारी बुलेटिन में बताया गया है कि आज 3 अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पाकिस्तान व आसपास के क्षेत्रों पर एक परिसंचरण तंत्र बन गया है। इसके असर से पिछले 24 घंटों में कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज की गई। श्रीगंगानगर के पदमपुर में 11.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कई जिलों में तेज आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार, 3 से 5 अप्रैल तक बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, अजमेर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ भागों में तेज हवाओं (40-50 किलोमीटर प्रति घंटा) के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है।
5-6 अप्रैल को बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी आने के बाद 7 अप्रैल को एक नया मजबूत विक्षोभ सक्रिय होने से राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से तेज आंधी-बारिश की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों ने खासतौर पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले आसमान में पक्कर तैयार फसलों, खासकर सरसों, गेहूं, चना और धान की फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए उचित प्रबंध करें। अनाज को ढककर रखें या सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें ताकि फसल को नुकसान न पहुंचे। ओले पड़ने से फसलों को भारी क्षति पहुंचने की आशंका है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।राजस्थान में इस समय रबी फसल की कटाई का मौसम है।
ऐसे में अचानक मौसम की इस उलटफेर से किसान चिंतित हैं। कई जिलों में पहले से ही तेज हवाएं चल रही हैं, जिससे धूल भरी आंधी भी उठ रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम चेतावनी को गंभीरता से लें और अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल रखें। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 4 अप्रैल को प्रभावित जिलों में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिसके साथ मध्यम से तेज बारिश और ओले गिरने की आशंका है। कुछ जगहों पर भारी बारिश भी दर्ज की जा सकती है।
किसानों और आम नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम संबंधी अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर रखें। यदि ओलावृष्टि होती है तो फसल बीमा का लाभ उठाने के लिए तुरंत संबंधित विभाग से संपर्क करें।