Gulf Tension Impact: अमरीका-ईरान के तनाव से वागड़ के प्रवासी परिवारों में चिंता बढ़ गई है। लोग अपनों को फोन लगाकर उनका हालचाल पूछ रहे हैं। बांसवाड़ा के बोहरा समुदाय के करीब 2 हजार से ज्यादा लोग वहां रह रहे हैं तो कुछ वहां काम करके भी आए हैं। शनिवार को तनावपूर्ण हालात के बीच कुवैत में काम कर आ चुके बांसवाड़ा निवासी सलीम मंसूरी ने अपने दोस्त परवेज रहमानी को फोन लगाकर उनसे हालात पूछे और वहां के हालात की जानकारी दी।
कुवैत सिटी में रहने वाले परवेज ने बताया कि कुवैत में मिसाइलें सिर के ऊपर से गुजरती दिख रही है। भारतीय समयानुसार करीब 6 बजे वहां एक ड्रोन हमला हुआ। इसके बाद वहां तरावीह की नमाज निरस्त कर दी है, जो रमजान की स्पेशल नमाज है। लोगों को चेतावनी दी है कि इस घटना से संबंधित कोई फोटो और वीडियो नहीं बनाएं, जिससे लोगों की कोई चिंता बढ़े।
ऊपर से मिसाइलें नीचे गिर रही
सलीम मोहम्मद ने बताया कि वहां उनकी अन्य लोगों से भी बात हुई है, वहां तीस नंबर रोड पर मिसाइल गिरी है। एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। एक अन्य व्यक्ति ने नाम नहीं बताते हुए कहा कि उनका बेटा वहां रहता है। उससे फोन पर बात हुई तो बताया कि एम्बेसी और एयरपोर्ट पर हमला हुआ है। लोगों को सुरक्षित घरों के अंदर रहने को कहा है। ऊपर से मिसाइलें नीचे गिर रही है, जिससे डर का माहौल बना हुआ है।
तनाव से वागड़ के प्रवासी परिवारों में बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में अमरीका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वागड़ क्षेत्र के प्रवासी परिवारों पर भी दिखने लगा है। दुबई, आबू धाबी, ओमान, मस्कट व बग़दाद समेत खाड़ी देशों में रह रहे लोगों के परिजन लगातार फोन कर हालचाल ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र में चिंता का माहौल बना हुआ है। डूंगरपुर एवं बांसवाड़ा जिले से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां रोजगार के लिए खाड़ी देशों में कार्यरत हैं।
30 हजार से ज्यादा लोग कामगार
अनुमान है कि 30 से 35 हजार लोग विभिन्न क्षेत्रों निर्माण, होटल, तकनीकी सेवाएं व छोटे कारोबार से जुड़े हैं। वहीं अमरीका के अलग-अलग शहरों में भी वागड़ के करीब 2 से 3 हजार लोग रह रहे हैं। हालिया घटनाओं के बाद सोशल मीडिया पर चल रही खबरों और वीडियो से परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
कई परिवार दिन में कई बार कॉल कर अपने परिजनों की कुशलक्षेम जान रहे हैं। खाड़ी देशों में कार्यरत डूंगरपुर के कन्हैयालाल टेलर, लोकेश दर्जी और राजेश पंचाल ने दूरभाष पर बताया कि वे सभी सुरक्षित हैं। उनके अनुसार वहां जनजीवन सामान्य है तथा प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है। उन्होंने अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। इधर, जानकारों का कहना है कि भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण हो, लेकिन खाड़ी देशों में आम नागरिकों की दिनचर्या फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है। इसके बावजूद वागड़ के हजारों परिवार अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर सजग और चिंतित हैं।