New Train: राजस्थान से मथुरा-वृंदावन जाना हुआ और आसान, इस जिले को मिली नई ट्रेन, जानिए स्लीपर और थर्ड-सेकेंड एसी का किराया

श्रीगंगानगर। रेलवे ने श्रीगंगानगर और मथुरा के बीच संपर्क को और मजबूत बनाने के लिए बुधवार को यहां से मथुरा के लिए एक स्पेशल ट्रेन शुरू की। यह ट्रेन स्पेशल के नाम से चर्चा में है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इसे पूरी तरह परीक्षण के तौर पर चलाया गया है। इसी कारण रेलवे ने केवल 60 सीटों का कोटा रखा है, ताकि यात्री भार का सही आकलन किया जा सके। मांग अच्छी रही तो ट्रेन जारी रहेगी, अन्यथा इसे तुरंत बंद किया जा सकता है।

वर्तमान में श्रीगंगानगर से मथुरा के लिए सप्ताह में तीन नियमित ट्रेनें पहले से संचालित हैं। गाड़ी संख्या 12486 मंगलवार और शनिवार को दोपहर ढाई बजे अबोहर-मलोट-भटिंडा-दिल्ली मार्ग से रवाना होकर रात 12 बजे मथुरा पहुंचती है। इसी तरह गाड़ी संख्या 12440 शुक्रवार को दोपहर एक बजकर 25 मिनट पर हनुमानगढ़–भटिंडा–दिल्ली रूट से रवाना होती है। वापसी की सेवाएं सोमवार, मंगलवार और शुक्रवार को नियमित रूप से उपलब्ध हैं। नांदेड़ एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यात्रा समय लगभग 11 घंटे का है।

नए वैकल्पिक मार्ग पर परीक्षण

इन मौजूदा सेवाओं के बावजूद रेलवे दिल्ली के व्यस्त कॉरिडोर से बचते हुए नए वैकल्पिक मार्ग पर परीक्षण कर रही है। इसे मार्च में परीक्षण के तौर पर चलाया जाएगा। श्रीगंगानगर और मथुरा के बीच यह रेलगाड़ी आने-जाने के चार-चार फेरे लगाएगी। इसे आगरा तक चलाया जाएगा और इसका नाम श्रीगंगानगर-ईदगाह स्पेशल ट्रेन रखा गया है।

सूत्रों के अनुसार नई ट्रेन बुधवार को श्रीगंगानगर से रवाना होकर गुरुवार को मथुरा से वापस आएगी। इसका मार्ग अबोहर–भटिंडा-सिरसा-हांसी-अलवर होते हुए मथुरा है। श्रीगंगानगर से मथुरा पहुंचने में करीब 13 घंटे लगेंगे, जबकि वापसी में 17 घंटे का समय लगेगा, जिसमें लगभग तीन घंटे का ठहराव भी संभव है।

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श्रीगंगानगर को सिर्फ 60 सीटें

इसमें स्लीपर क्लास का किराया 475 रुपए, थर्ड एसी का किराया 1270 रुपए और सेकंड एसी का किराया 1795 रुपए निर्धारित है। इस ट्रेन में श्रीगंगानगर को केवल 60 सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। यदि तीन-चार फेरों में सीटें भरती रहीं तो रेलवे इसे स्थायी कर सकता है। यात्री भार कम रहा तो ट्रेन बंद कर दी जाएगी। इस रूट पर हांसी, सिरसा और अलवर क्षेत्र के यात्रियों को सीधा लाभ मिल सकता है। मथुरा-वृंदावन जाने वाले श्रद्धालु और व्यापारी भी इस नए विकल्प का उपयोग कर सकेंगे।