उदयपुर: शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमबी हॉस्पिटल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। घायल बेटे की जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे पिता से अस्पताल परिसर में ‘ब्लड’ के नाम पर लाचारी का फायदा उठाकर ठग ने दस हजार रुपए ठग लिए।
घटना उदयपुर के हाथीपोल थाना क्षेत्र की है। खेरोड़ा निवासी कमलेश मेघवाल का बेटा कृष्णा एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे एमबी हॉस्पिटल के ट्रॉमा वार्ड रूम नंबर 18, बेड नंबर 1 में भर्ती कराया। सुबह 10:30 बजे एक अज्ञात युवक वार्ड में दाखिल हुआ। उसने खुद को अस्पताल से जुड़ा बताकर पीड़ित पिता का विश्वास जीता और मदद के बहाने उन्हें ब्लड बैंक ले गया।
तीन यूनिट ब्लड का झांसा और 10,000 रुपए की चपत
ब्लड बैंक के बाहर शातिर ठग ने पीड़ित कमलेश को डराते हुए कहा कि ऑपरेशन के लिए तुरंत तीन यूनिट खून की जरूरत है, जिसके लिए 10,000 रुपए जमा कराने होंगे। घबराए पिता ने बिना सोचे-समझे रुपए उस युवक को थमा दिए। आरोपी इतना शातिर था कि उसने सबूत मिटाने और समय लेने के लिए पीड़ित को वापस वार्ड में आधार कार्ड लाने के बहाने भेज दिया।
सीसीटीवी में कैद हुआ ठग का चेहरा
अस्पताल के सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई है। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी युवक कैसे वार्ड में दाखिल हुआ, पीड़ित पिता को ब्लड बैंक ले गया और पैसे लेकर वापस चला गया। पुलिस ने यह फुटेज अपने रिकॉर्ड में लिया है और आरोपी की पहचान के प्रयास में जुटी है।
अस्पताल प्रशासन का जवाब
जब पीड़ित आधार कार्ड लेकर वापस ब्लड बैंक पहुंचा और वहां मौजूद कर्मचारियों से पैसों के बारे में पूछा, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। कर्मचारियों ने कहा कि यहां ब्लड के लिए कोई पैसा नहीं लिया जाता और न ही ऐसी कोई व्यवस्था है।
हैरानी की बात यह है कि डॉक्टरों ने भी उस समय खून की कोई मांग नहीं की थी। जब तक पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, टोपी वाला वह शातिर ठग अस्पताल परिसर से रफूचक्कर हो चुका था।
पुलिस जांच में जुटी
पीड़ित कमलेश ने हाथीपोल थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। सीसीटीवी में आरोपी का हुलिया इस प्रकार आ रहा है कद छोटा, रंग सांवला, हल्की दाढ़ी और सिर पर टोपी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की तलाश में जुटी है।
अस्पताल की सुरक्षा पर दाग
यह घटना अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या ट्रॉमा वार्ड जैसे संवेदनशील इलाके में कोई भी बाहरी व्यक्ति बेरोकटोक घुसकर मरीजों के परिजनों को टारगेट कर सकता है? पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर उनके पैसे वापस दिलवाए जाएं ताकि वे अपने बेटे का इलाज जारी रख सकें।
रात को ट्रॉमा वार्ड में मोबाइल चोरी
शम्भू सुथार ने बताया कि उनके रिश्तेदार ट्रॉमा वार्ड में भर्ती है, रात को वे ट्रॉमा वार्ड में सो रहे थे, तभी उनका मोबाइल चोरी हो गया। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रशासन और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।