सीकर। शहर से 18 किमी दूर रशीदपुरा-खोरी गांव का 22 साल पुराना सपना आज साकार होने जा रहा है। 2004 में बंद हुआ रेलवे स्टेशन, जिसे ग्रामीणों ने वर्षों तक अपने दम पर चलाकर मिसाल पेश की थी, अब पहली बार ट्रेन के संचालन का गवाह बनेगा। होली के अवसर पर यहां से कोटा के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह है।
साल 1942 में शुरू हुआ रशीदपुरा-खोरी रेलवे स्टेशन 2004 में घाटे के कारण बंद कर दिया गया था। ग्रामीणों की मुहिम पर 2009 में रेलवे ने इसे अस्थाई शुरू करने के लिए शर्त रखी कि गांव वाले स्वयं संचालन कर 40 हजार रुपए मासिक आय उपलब्ध कराएंगे।
रशीदपुरा खोरी रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म (फोटो-पत्रिका)
पोस्टर लगवाए, चंदा जुटाया
ग्रामीणों ने गांव-गांव में पोस्टर लगवाए और घर-घर जाकर लोगों को ट्रेन से सफर करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही चंदा एकत्र कर सुविधाएं जुटाई। पांच साल सफल संचालन के बाद 2015 में रेलवे ने 20 करोड़ रुपए खर्च कर इसे हाईटेक क्रॉसिंग स्टेशन बना दिया। अब इसी स्टेशन से पहली बार ट्रेन की शुरुआत और अंतिम ठहराव होगा।
रशीदपुरा खोरी रेलवे स्टेशन (फोटो-पत्रिका)
कल सुबह 5.20 पर पहुंचेगी ट्रेन
रेलवे के अनुसार कोटा-रशीदपुरा खोरी होली स्पेशल (09803) 25 फरवरी और 4 मार्च को कोटा से रवाना होकर सुबह 5.20 बजे स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में यहां से ट्रेन (09804) 26 फरवरी और 5 मार्च को सुबह 6.55 बजे कोटा के लिए रवाना होगी।
मिलेगी बड़ी राहत
रशीदपुरा प्याज व सैनिकों के लिए पहचान रखता है। यहां ट्रेन के नियमित ठहराव से किसानों, सैनिकों और आसपास के गांवों को बड़ी राहत मिलेगी। -प्रताप सिंह, प्राचार्य व तत्कालीन संघर्ष समिति सदस्य