Jaipur: मैं भी हुआ साइबर क्राइम का शिकार… हर दूसरे दिन मेरे नाम पर नई वेबसाइट देखता हूं: CJI

Jaipur judicial conference: देश के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआइ) सूर्यकांत ने न्याय की आसान पहुंच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) को गेमचेंजर हथियार बताया, वहीं साइबर क्राइम को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि साइबर का मुद्दा बैंक खातों तक सीमित नहीं है, हमारे भरोसे को बनाए रखने के लिए भी एक चुनौती है।

उन्होंने कहा कि मैं भी साइबर क्राइम का शिकार हुआ, हर दूसरे दिन मेरे नाम पर नई वेबसाइट देखता हूं। एक दिन तो मेरी बहन व मेरी बेटी जैसी लड़की को मेरी नाम वाली वेबसाइट से मैसेज आए। साइबर पुलिस ने तत्काल पता कर बताया कि ये सारी वेबसाइट्स नाइजीरिया से संचालित हो रही थीं। इन अपराधों को रोकने के लिए साइबर जागरुकता को अपराध के बजाय नैतिक शिक्षा मानकर अभियान चलाने की जरूरत है।

सीएम भजनलाल शर्मा बोले, सजा अवश्य मिलेगी

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि क्राइम जमीन पर करें या स्क्रीन के पीछे करें, सजा अवश्य मिलेगी। इसी दौरान उन्होंने प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए विशेष साइबर कोर्ट की स्थापना की घोषणा की।

सीजेआइ सूर्यकांत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से साइबर सुरक्षा: जागरूकता, संरक्षण व न्याय तक पहुंच” विषय पर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयाेजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय न्यायिक कांफ्रेंस के उदघाटन सत्र को संबोधित किया। राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, राजेश बिंदल, पी बी वराले व एन कोटिश्वर सिंह, उपमुख्यमंत्री दियाकुमारी व प्रेमचंद बैरवा की मौजूदगी में कांफ्रेंस से जुडे पहलुओं की जानकारी दी।

देश में 66 लाख साइबर शिकायतें

सीजेआइ सूर्यकांत ने बताया कि देश में साइबर अपराधों को लेकर 66 लाख शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि मेरे नाम से चल रही साइट्स से अलग-अलग तरह के मैसेज भेजे जा रहे थे और यह सब में व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। साइबर समस्या चिंता का विषय है, इसमें अपराधी सामने नहीं होता। इन अपराधों को जागरुकता से ही रोकना संभव है, लेकिन यह तभी संभव है जब व्यक्ति को उसकी भाषा में ही जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

थोपी हुई भाषा में जागरुकता से लाभ मिलने वाला नहीं है। उन्होंने आह्वान किया कि तीन दिवसीय कांफ्रेंस में साइबर से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी खोजा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि डिजिटल पेमेंट से पैसा छिनने की चिंता खत्म हो गई, लेकिन डिजिटल दुनिया के विस्तार के साथ ही साइबर क्राइम भी बढ़ गया है।

साइबर अपराधियों ने 5 साल में लूटे 55 हजार करोड़

हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में अदालतों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और नई तकनीकी से सुसज्जित करने में हमेशा आगे रहती है। उन्होंने कांफ्रेंस के संबंध में जानकारी भी दी। इसी दौरान हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति जोधपुर के अध्यक्ष न्यायाधीश पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने कहा कि आज साइबर फ़्रॉड दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई हैं। यह 10 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की अर्थव्यवस्था है।

पिछले 5 सालों में साइबर अपराधों में आम आदमी के 55 हज़ार करोड़ रूपए लूटे गए। उन्होंने हाईकोर्ट को आए दिन मिल रही धमकियों को लेकर कहा कि जिस तरह स्कूल में घंटी बजती है, उसी तरह से पता चलता है कि बम की धमकी आ गई। लगातार 20-25 बार हो चुका हैं, लेकिन समाधान नहीं है। मेल डमी सर्वर से आ रहे हैं। पिछली बार जोधपुर में धमकी आई तो पता चला कि मेल स्विट्जरलैंड से आई। पता लग ही नहीं सकता है कि मेल कहां से आ रहा है।

दिव्यांग बच्चों को किया सम्मानित

सीजेआइ सूर्यकांत, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व अन्य अतिथियों ने रालसा के उमंग 2.0 कार्यक्रम में भाग लेकर कबड्डी, कैरम, शतरंज सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में विजेता रहे दिव्यांग बच्चो को सम्मानित किया।