Galta Peeth Jaipur controversy: राजस्थान विधानसभा में जयपुर स्थित अति प्राचीन गलता पीठ में अव्यवस्थाओं का मुद्दा गूंजा। कांग्रेस सदस्य रफीक खान ने कहा कि यहां प्रशासक नियुक्त होने के बाद गलता पीठ की 521 साल पुरानी धार्मिक परंपरा प्रभावित हुई है। करीब 23 दिन तक भगवान को फूल-मालाएं नहीं चढ़ाई जा सकीं, उनके राजभोग में कटौती कर दी गई। यह सीधे तौर पर सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा को ठेस पहुंचाने वाला मामला है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के 60 कर्मचारी और पुजारी 3-4 महीनों से वेतन न मिलने के कारण धरने पर बैठने को मजबूर हुए। वेतन संकट के चलते उनके परिवारों की आजीविका और पूजा-अर्चना की नियमित व्यवस्था भी बाधित हुई।
सफाई व्यवस्था पर सवाल
उठाते हुए विधायक रफीक खान ने कहा कि गलताजी स्थित कुंडों में गंदगी और कचरे के ढेर जमा होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने देवस्थान विभाग-प्रशासन पर मंदिर संचालन में विफल रहने का आरोप लगाया।
उपनेता प्रतिपक्ष के बोलने पर मुख्य सचेतक ने की आपत्ति
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक ऐसा वाकया हुआ, जिससे आसन को ही चुनौती दे दी गई। नेता प्रतिपक्ष की अनुपिस्थति में विस अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने पूरक प्रश्न पूछने के लिए उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश को बोलने की अनुमति दे दी। सत्ता पक्ष को यह अच्छा नहीं लगा और उन्होंने आपत्ति जता दी।
सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने रामकेश मीणा की ओर से प्रश्न पूछने पर आपत्ति जताई और कहा कि कांग्रेस राज में हम जब विपक्ष में थे। उस समय गुलाब चंद कटारिया नेता प्रतिपक्ष और राजेन्द्र राठौड़ उप नेता प्रतिपक्ष थे। कटारिया की अनुपिस्थति में कभी भी राठौड़ को प्रश्न पूछने की अनुमति नहीं दी गई। आपने इनको अनुमति दे दी।
यह हर प्रश्न पर ही खड़े हो रहे हैं। ये नेता नहीं, उप नेता है। नेता प्रतिपक्ष का प्रोटोकॉल उपनेता को नहीं मिल सकता। यह गलत है। इस पर रामकेश मीणा खड़े हो गए और कहा कि आसन को चुनौती नहीं दे सकते। विस अध्यक्ष ने भी गर्ग से कहा कि मैनें अनुमति दी है। मैंने सदन में आते ही कहा था कि मैंने अनुमति दे दी है। फिर उन्होंने रामकेश को कहा कि आप बोलें।