टोंक। प्रदेश में जल जीवन मिशन और टोंक में पेयजल कार्य को लेकर आरयूआईडीपी की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। शहर के लोगों को हर दिन 24 घंटे नल से पानी उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज और पेयजल का जिम्मा आरयूआईडीपी को सौंपा था। आरयूआईडीपी ने संबंधित फर्म के माध्यम से यह काम टोंक शहर में कराया, लेकिन इतने बड़े प्रोजेक्ट में भारी इंजीनियरिंग खामियां छोड़ दी गईं।
इसके चलते शहर के लोगों को आज भी पहले की तरह ही दो दिन में एक दिन ही नलों से कुछ देर के लिए पानी मिल रहा है, जबकि इस प्रोजेक्ट के तहत चौबीस घंटे पानी देने की शर्त थी। इस मामले में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि उनके सामने बड़ी खामियां आई हैं। जल्द ही संबंधित फर्म के खिलाफ ब्लैकलिस्टेड समेत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह जल जीवन मिशन की भी प्रदेश स्तर पर जांच हो रही है। इसमें भी हर घर तक महज कनेक्शन ही दिए गए, जबकि पानी अब तक नहीं पहुंचा। दरअसल, जलदाय मंत्री शनिवार को भाजपा कार्यालय में राज्य बजट की उपलब्धियां गिना रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिला मुख्यालय पर आरयूआईडीपी की ओर से किए गए सीवरेज और पेयजल लाइन के कामों में बड़ी खामियां गिनाईं।
रेल के लिए बोले, केन्द्रीय मंत्री से की है बात
जलदाय मंत्री ने एक बार फिर टोंक में रेल की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि टोंक में रेल को लेकर केन्द्रीय रेल मंत्री से बात हुई है। उन्होंने रेल परियोजना को लेकर आश्वस्त किया है। उन्होंने कहा कि बजट में भले ही रेल का जिक्र नहीं हो, लेकिन टोंक की रेल के लिए वे चिंतित हैं।
सड़क निर्माण में गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई
जलदाय मंत्री को शिकायत मिली कि शहर में गारंटी अवधि के बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग एक जगह दूसरी सड़क निर्माण का टेंडर जारी कर रहा है, जबकि जो सड़क बनी थी उसकी मियाद अभी बाकी है। इस पर जलदाय मंत्री ने कहा कि अगर टेंडर राशि का दुरुपयोग पाया गया तो संबंधित अभियंता के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने शहर के सिविल लाइन समेत अन्य सड़कों की जांच के निर्देश भी दिए। साथ ही मंत्री ने कहा कि शहर में जो भी सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें भी ठीक कराया जाएगा।
बजट की बताई उपलब्धियां
भाजपा कार्यालय में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर और निवाई विधायक रामसहाय वर्मा ने प्रेसवार्ता की। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपए के इस बजट का आकार वर्ष 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक है। राज्य के अवसंरचना विकास के लिए 53 हजार 978 करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2023-24 की तुलना में दोगुने से अधिक है।