Sadhvi Prem Baisa Death जोधपुर। पाल गांव के आरती नगर स्थित आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत की वजह अस्थमा का अटैक थी। साध्वी प्रेम बाईसा को फेफड़े संबंधी बीमारी (अस्थमा) थी। गत 28 जनवरी को आश्रम में साध्वी को कार्डियक अरेस्ट आया था और उससे शॉक जनरेट होने के बाद मृत्यु हो गई थी।
मेडिकल बोर्ड से दोबारा अंतिम रिपोर्ट मांगी
एफएसएल व हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में साध्वी की मृत्यु का यह कारण सामने आया। पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने शनिवार शाम साध्वी की मृत्यु की वजह का खुलासा किया। इंजेक्शन से रिएक्शन की आशंका के चलते पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से दोबारा अंतिम रिपोर्ट मांगी है।
28 जनवरी को हुई थी मौत
पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि गत 28 जनवरी को आश्रम में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। 29 जनवरी को पिता की ओर से मर्ग दर्ज करने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया था। 2 फरवरी को जांच के लिए विसरा एफएसएल भेजे गए थे। एफएसएल व हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच रिपोर्ट 12 फरवरी को पुलिस को सौंपी गई थी, जिसे मेडिकल कॉलेज भेजा गया था।
साध्वी प्रेम बाईसा को फेफड़े संबंधी बीमारी
इसमें मृत्यु का कारण शॉक ड्यू टू ए रिजल्ट ऑफ कार्डियो पल्मनरी अरेस्ट ड्यू टू पल्मनरी पैथोलॉजी (अस्थमा/सीओपीडी) आया। यानी साध्वी प्रेम बाईसा को फेफड़े संबंधी (अस्थमा) बीमारी थी। उससे कार्डियक अरेस्ट आया और शॉक जनरेट होने से मृत्यु हो गई थी। फिलहाल एसआईटी की जांच चल रही है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से दोबारा अंतिम रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में साध्वी के पिता या अन्य किसी की भूमिका सामने नहीं आई है।
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जहर, यौन उत्पीड़न व कोई चोट नहीं
पुलिस का कहना है कि साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मृत्यु के बाद अनेक आशंकाएं जताई गई थीं। जांच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त छवि शर्मा की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई थी। एफएसएल से कई बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई थी। इसमें साध्वी को जहर, यौन उत्पीड़न या किसी तरह की अंदरूनी चोट नहीं होने की पुष्टि हुई। साध्वी को जहर नहीं दिया गया था और न ही यौन उत्पीड़न किया गया था।