RAC कांस्टेबल ने कोटा के सरकारी क्वार्टर में किया सुसाइड, फूट-फूटकर रोते रहे मासूम बेटा-बेटी

Kota Suicide Case: आरएसी कांस्टेबल ने गुरुवार रात ड्यूटी से लौटने के बाद सरकारी क्वार्टर में आत्महत्या कर ली। कांस्टेबल कमांडो की ट्रेनिंग कर चुका था। पुलिस ने बताया कि दादाबाड़ी थाना क्षेत्र में गुरुवार रात आरएसी कांस्टेबल बूंदी जिले के करवर थाना क्षेत्र के गांव जरखोदा निवासी प्रेमशंकर महावर (37) ड्यूटी कर सरकारी क्वार्टर आया था। जहां उसने आत्महत्या कर ली।

परिजन और आरएसी जवान उसे न्यू मेडिकल कॉलेज लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शुक्रवार सुबह मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं लग सका है।

घटनास्थल से सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। वह 2008 से आरएसी में नौकरी कर रहा था। अभी भी सैकंड बटालियन में तैनात था। प्रेमशंकर के 7 साल की बेटी और 3 साल का बेटा है। जो फूट-फूटकर रोते रहे। दादाबाड़ी थाना अधिकारी बलदेव राम ने बताया कि प्रेमशंकर शाम को रोल कॉल में गया था। वहां से वापस क्वार्टर आया और कमरे में आत्महत्या कर ली।

पढ़ाई के तनाव में छात्रा ने की आत्महत्या

दीगोद क्षेत्र के एक गांव में 10वीं बोर्ड परीक्षा से पहले एक छात्रा ने आत्महत्या की कोशिश की। गंभीर हालत में परिजन उसे कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर गए, जहां गुरुवार रात उसकी मौत हो गई। छात्रा के पिता ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। बेटी का पढ़ाई में मन नहीं था। डेढ़ दो महीने से स्कूल भी नहीं जा रही थी। वो कहती थी, मुझे नहीं पढ़ना। मैंने कहा था कि बेटा परीक्षा ती दे ले। रिजल्ट की टेंशन मत कर।

वह गुरुवार सुबह 7 बजे पत्नी के साथ मजदूरी के लिए कोटा आ गया। करीब पौने 10 बजे उसे फोन पर घटना की सूचना मिली। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।