खेरली. ग्राम डोरौली में पानी का निकास अवरुद्ध होने के कारण सड़क पर लगभग 200 मीटर से अधिक दूरी तक जलभराव हो गया है, जिससे मार्ग तालाब में परिवर्तित हो गया है। गड्ढों के कारण राहगीरों और आम जनता को प्रतिदिन दुर्घटना का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दबंगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर पानी का निकास रोक रखा है, जबकि ग्राम पंचायत और प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर पानी की निकासी और गड्ढों की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है, ताकि दुर्घटनाओं और आवागमन में परेशानी से बचा जा सके।
यह मार्ग कस्बे से डोरोली, सायपुर, भूतोली, सरसेना होते हुए हलेना में आगरा-जयपुर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग तक जाता है। मार्ग की स्थिति डोरोली और सायपुर में बेहद खराब है। डोरोली में जलभराव और गड्ढों के कारण आवागमन कठिन हो गया है, वहीं सायपुर में भी गड्ढों की वजह से लोग परेशान हैं।मार्ग दुर्दशा का शिकारकस्बे से खेरली बायपास होकर बड़ौदामेव तक मार्ग का विस्तारीकरण किया गया है, जिसकी कुल लंबाई 59.10 किलोमीटर है। लोगों का आरोप है कि हाल ही में पीडब्ल्यूडी ने खेरली से भरतपुर सीमा तक मार्ग बनाया है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के कारण यह मार्ग दुर्दशा का शिकार हो रहा है।
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यह बोले जिम्मेदार
कुछ दबंगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर पानी का निकास अवरुद्ध कर रखा है। उन्हें हटाने के लिए समझाया गया, लेकिन वे झगड़ा पर उतारू हो जाते हैं। समस्या समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी, विकास अधिकारी और तहसीलदार को पत्र लिखे हैं।उमेदी लाल सैनी, ग्राम पंचायत प्रशासक।
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पानी का निकास अवरुद्ध करना गलत है। अतिक्रमण हटाकर जल निकासी की व्यवस्था की जाएगी।
भानूप्रताप सिंह, तहसीलदार।
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हाल ही में मैंने मौके का निरीक्षण किया था। कुछ लोगों ने अपने खेत में पानी रोक रखा है। नालियों की व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया है।
मोहित खंडेलवाल, कनिष्ठ अभियंता पीडब्ल्यूडी।