CRPF जवान ने पत्नी से घर आने का किया था वादा, लेकिन तिरंगे में चौखट पहुंचा ‘कंकाल’, परिवार में मचा कोहराम

भीम। नगर के कुम्हार मोहल्ला निवासी सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर पुत्र अमरचंद प्रजापति का शव नीमच स्थित सीआरपीएफ छावनी परिसर की झाड़ियों में कंकाल के रूप में मिलने के बाद मंगलवार को पार्थिव देह के भीम पहुंचने पर राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई।

सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज नीमच की सीआरपीएफ बटालियन में तैनात जवान नंदकिशोर प्रजापति 27 दिसंबर 2025 को छुट्टी लेकर घर आने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद न तो वह घर पहुंचे और न ही उनका कोई सुराग मिला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग की। परिजनों के अनुसार 26 दिसंबर की रात उनकी पत्नी गंगा देवी से फोन पर बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वह अगले दिन छुट्टी लेकर घर के लिए निकल रहे हैं।

फोन पर नहीं हो पाया संपर्क

27 और 28 दिसंबर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित हो गए। लगातार फोन करने पर भी संपर्क नहीं हो सका। नंदकिशोर के पास दो मोबाइल फोन थे। इनमें से एक फोन वह अपने कमरे में पलंग पर ही छोड़ गए थे, जबकि दूसरा फोन गायब मिला। उनके रूम पार्टनर सीआरपीएफ जवान मांगीलाल ने पत्नी गंगा देवी को बताया कि 27 दिसंबर को नंदकिशोर घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उनका सामान कमरे में ही पड़ा है। यह सुनकर परिजन स्तब्ध रह गए।

इसके बाद नंदकिशोर का बड़ा पुत्र पंकज कुमार सहित अन्य परिजन नीमच सीआरपीएफ कैंट पहुंचे। वहां अधिकारियों से मुलाकात कर जवान का कमरा देखा गया। सीआरपीएफ प्रबंधन ने भी यही जानकारी दी कि नंदकिशोर 27 दिसंबर को छुट्टी पर घर जाने के लिए निकले थे। एक जनवरी 2026 को नीमच पुलिस थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया। इसके बाद 9 फरवरी को नीमच पुलिस ने जवान के बड़े पुत्र पंकज को सूचना दी कि सीआरपीएफ छावनी परिसर की झाड़ियों में एक कंकाल मिला है, जिसकी पहचान नंदकिशोर प्रजापति के रूप में की गई।

परिजन फूट-फूटकर रो पड़े

सूचना मिलते ही परिजन नीमच पहुंचे। पिता का शव देखकर दोनों पुत्रों सहित परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। नीमच जिला अस्पताल की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नंदकिशोर प्रजापति वर्ष 2004 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। 42 वर्षीय नंदकिशोर के परिवार में पत्नी गंगा देवी, माता हंजा देवी, पुत्र राहुल कुमार और पंकज कुमार सहित अन्य परिजन हैं।

घड़ी, ब्रेसलेट और अंगूठी से हुई पहचान

परिजनों ने बताया कि जवान के घर नहीं पहुंचने पर सीआरपीएफ सेंटर और नीमच थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुराना शव मिलने पर पुलिस ने सूचना दी। नीमच पहुंचकर नंदकिशोर के हाथ में पहनी घड़ी, अंगूठी और ब्रेसलेट से उनकी पहचान की गई।

जिला सैनिक कार्यालय से निकली अंतिम यात्रा

सीआरपीएफ जवान नंदकिशोर की पार्थिव देह मंगलवार को भीम पहुंचने पर जिला सैनिक कार्यालय से अंतिम यात्रा निकाली गई। डीजे पर देशभक्ति गीतों के साथ पूर्व सैनिक संघ के पदाधिकारी और सीआरपीएफ नीमच बटालियन के जवानों सहित सैकड़ों लोग उनके घर पहुंचे। अंतिम दर्शन के बाद यात्रा कस्बे के मुख्य मार्ग से होते हुए मोक्ष धाम पहुंची, जहां सीआरपीएफ जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। मृतक के पुत्र पंकज और राहुल ने मुखाग्नि दी।

पुष्प चक्र अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

मुक्तिधाम में पूर्व गृह राज्य मंत्री डॉ. लक्ष्मणसिंह रावत, उपखंड अधिकारी विकास शर्मा, तहसीलदार मनोज कुमार गांग, सीआरपीएफ नीमच बटालियन इंचार्ज एपी तिर्की, स्थानीय पुलिसकर्मी तथा पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह कैप्टन, उपशाखा अध्यक्ष वन्नासिंह, धन्नासिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।