भारत बन रहा मेडिकल टूरिज्म का सुपर पावर: सस्ता इलाज, विश्वस्तरीय सुविधाएं और विदेशी मुद्रा की बाढ़

Medical Tourism India: जयपुर. भारत अब दुनिया का पसंदीदा मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। यहां महंगे देशों की तुलना में 60-80% कम खर्च में विश्वस्तरीय इलाज मिलता है, साथ ही आयुर्वेद और वेलनेस का अनोखा संगम विदेशी मरीजों को खींच रहा है। केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में बताया कि मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं।ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आंकड़ों के मुताबिक, मेडिकल वीजा पर आने वाले विदेशी मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। कोविड के बाद रिकवरी शानदार रही है।

पिछले कुछ सालों के आंकड़े

वर्षकुल विदेशी पर्यटकमेडिकल उद्देश्य से आए20191,09,30,3556,97,453202027,44,7661,82,945202115,27,1143,23,748202264,37,4674,74,798202395,20,9286,59,356202499,51,7226,44,3872025 (जनवरी-नवंबर)79,34,6174,50,633

सबसे बड़ी सुविधा ई-मेडिकल वीजा और ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा

India Healthcare

सरकार ने मेडिकल टूरिज्म के लिए राष्ट्रीय रणनीति तैयार की है, जिसे सभी राज्यों और हितधारकों के साथ साझा किया गया। वाणिज्य मंत्रालय की सर्विसेज एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने www.indiahealthcaretourism.com पोर्टल बनाया है, जहां मान्यता प्राप्त अस्पतालों, वेलनेस सेंटर्स और वीजा जानकारी मिलती है। सबसे बड़ी सुविधा ई-मेडिकल वीजा और ई-मेडिकल अटेंडेंट वीजा है, जिससे विदेशी मरीजों का आना आसान हो गया।

ये हो रहा फायदा

मेडिकल टूरिज्म भारत की अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो रहा है। हर साल अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा आ रही है, जो पर्यटन और हेल्थकेयर सेक्टर को मजबूत कर रही है। हजारों नई नौकरियां पैदा हो रही हैं – डॉक्टर, नर्स, ट्रांसलेटर से लेकर होटल और ट्रांसपोर्ट तक। भारत की ग्लोबल इमेज चमक रही है, क्योंकि बांग्लादेश, अफ्रीका, मध्य एशिया और मिडिल ईस्ट के मरीज यहां दिल, किडनी, कैंसर और कॉस्मेटिक सर्जरी करवा रहे हैं। आयुर्वेद-योग के कारण वेलनेस टूरिज्म भी बूम पर है। कुल मिलाकर, यह सेक्टर न सिर्फ इलाज का सस्ता विकल्प दे रहा है, बल्कि भारत को विश्व का ‘हेल्थकेयर हब’ बनाने की राह पर ले जा रहा है। सरकार के ये कदम आने वाले वर्षों में और बड़ा धमाका करेंगे।

मेडिकल टूरिज्म डेस्टिनेशन: ये शहर पहली पसंद

दिल्ली-NCR (गुरुग्राम-नोइडा) सबसे टॉप पर हैं। चेन्नई, मुंबई-बेंगलुरु-हैदराबाद भी पीछे नहीं। बांग्लादेश, अफ्रीका, मिडिल ईस्ट के मरीज यहां दिल-किडनी-कैंसर का इलाज करवा रहे हैं।

राजस्थान का दमदार योगदान: वेलनेस टूरिज्म में अव्वल

राजस्थान ने “Heal in Rajasthan” पॉलिसी लॉन्च की है, जो मेडिकल और वेलनेस को जोड़ रही है। जयपुर और उदयपुर में आयुर्वेदिक रिट्रीट्स विदेशियों को खींच रहे हैं। यहां योग, स्पा और ट्रेडिशनल ट्रीटमेंट के साथ हेरिटेज टूरिज्म का कॉम्बो मिलता है। आने वाले समय में राजस्थान बड़ा हब बनेगा।